पैगम्बर मोहम्मद साहब
जन्म:
पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्म 570 ईस्वी में मक्का (वर्तमान सऊदी अरब) में हुआ।
हिजरत (प्रवास):
622 ईस्वी (नोट: 899 AD नहीं) में मक्का से मदीना की ओर प्रवास किया।
इस घटना को हिजरत कहा जाता है।
इसी वर्ष से हिजरी कैलेंडर का प्रारंभ हुआ।
निधन:
632 ईस्वी में मदीना में इनका निधन हुआ।
हिजरी कैलेंडर के बारे में:
प्रकार: चंद्र आधारित कैलेंडर
विशेषता:
इसमें अधिकमास (लीप माह) नहीं होता।
12 महीने (कुल 354/355 दिन)
महत्व:
इस्लामिक धार्मिक त्योहारों और रीति-रिवाजों का निर्धारण इसी से होता है।
हिजरी कैलेंडर के 12 महीने:
मुहर्रम
सफर
रबी-उल-अव्वल
रबी-उस-सानी
जमादी-उल-अव्वल
जमादी-उस-सानी
रजब
शाबान
रमजान
शव्वाल
जिल-काद
जिल-हिज्ज
प्रमुख इस्लामिक त्योहार:
ईद-उल-फितर – रमजान के बाद
ईद-उल-अज़हा – हज के बाद
मुहर्रम – इस्लामिक नव वर्ष
मिलाद-उन-नबी – पैगंबर का जन्मदिन
हिजरी कैलेंडर का महत्व
आधार: चंद्र मास (354 दिन)
प्रारंभ: 622 ई. (मक्का से मदीना की हिजरत के साथ)
विशेषता: इसमें अधिकमास नहीं होता
प्रमुख त्योहार एवं महीने
| महीना | तारीख | त्योहार/विशेष दिन | महत्व |
|---|---|---|---|
| 1. मोहर्रम | 10 | आशूरा | इमाम हुसैन की शहादत (680 ई., करबला) की याद में ताजिया निकाले जाते हैं |
| 20 | चेहल्लुम | हुसैन की मृत्यु के 40वें दिन शोक सभाएँ | |
| 3. रबी-उल-अव्वल | 12 | ईद-ए-मिलाद-उन-नबी | पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन |
| 12 | बारावफात | पैगंबर की पुण्यतिथि | |
| 7. रज्जब | 27 | शब-ए-मेराज | पैगंबर का अल्लाह से मिलने का रात्रि (आकाश यात्रा) |
| 8. शाबान | 15 | शब-ए-बरात | पापों की माफी की रात |
| 9. रमजान | पूरा महीना | रोज़े | सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास |
| 27 | शब-ए-कद्र | कुरान के अवतरण की रात | |
| 10. शव्वाल | 1 | ईद-उल-फित्र | रमजान के बाद मीठी ईद (सेवइयाँ बाँटना) |
| 12. जिल-हिज्ज | 10 | ईद-उल-अज़हा | बकरीद (कुर्बानी का पर्व) |
| – | हज यात्रा | मक्का में धार्मिक तीर्थयात्रा |
इस्लामिक त्योहारों का विस्तृत विवरण
1. मोहर्रम
10 मोहर्रम: आशूरा
इमाम हुसैन (पैगंबर मोहम्मद के दोहिते) की करबला (ईराक) में शहादत (680 ई.) की याद
ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं (विशेषकर शिया मुसलमानों द्वारा)
सुन्नी मुसलमान इस दिन रोज़ा रखते हैं
2. सफर
20 सफर: चेहल्लुम
हुसैन की शहादत के 40वें दिन शोक सभाएँ
3. रबी-उल-अव्वल
12 रबी-उल-अव्वल:
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी: पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन
बारावफात: पैगंबर की पुण्यतिथि भी इसी दिन मनाई जाती है
7. रजब
27 रजब: शब-ए-मेराज
पैगंबर की अल्लाह से मुलाकात (आकाश यात्रा) की रात
विशेष नमाज़ व इबादत
8. शाबान
15 शाबान: शब-ए-बरात
“माफी की रात” – मुसलमान अपने पापों की माफी माँगते हैं
पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ना
9. रमजान
पूरा महीना:
रोज़े (सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास)
कुरान पढ़ने व तरावीह नमाज़ का विशेष महत्व
27 रमजान: शब-ए-कद्र
“क़द्र की रात” – कुरान का धरती पर अवतरण
10. शव्वाल
1 शव्वाल: ईद-उल-फित्र
रमजान के बाद “मीठी ईद”
सेवइयाँ बाँटना व सदक़ा-ए-फित्र देना
12. जिल-हिज्ज
हज यात्रा: इस महीने में मक्का की तीर्थयात्रा
10 जिल-हिज्ज: ईद-उल-अज़हा (बकरीद)
कुर्बानी का पर्व (पशु बलि)
गोश्त तीन हिस्सों में बाँटा जाता है: परिवार, रिश्तेदार व गरीबों के लिए
राजस्थान में मुस्लिम परंपराएँ
भरतपुर, अजमेर, टोंक में ईदगाह पर विशेष नमाज़
अजमेर दरगाह पर शब-ए-बरात पर चादर चढ़ाने की रिवायत
विशेष तथ्य
आशूरा पर शिया मुसलमान मातम मनाते हैं, जबकि सुन्नी रोज़ा रखते हैं।
शब-ए-कद्र को “क़द्र की रात” कहते हैं, जो 1000 महीनों से बेहतर मानी जाती है।
ईद-उल-अज़हा पर पशु कुर्बानी के बाद मांस गरीबों में बाँटा जाता है।
इस्लामिक पर्व: इबादत, त्याग और एकता का संदेश!