इस्लाम धर्म के प्रमुख तथ्य एवं हिजरी कैलेंडर

पैगम्बर मोहम्मद साहब

  1. जन्म:

    • पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्म 570 ईस्वी में मक्का (वर्तमान सऊदी अरब) में हुआ।

  2. हिजरत (प्रवास):

    • 622 ईस्वी (नोट: 899 AD नहीं) में मक्का से मदीना की ओर प्रवास किया।

    • इस घटना को हिजरत कहा जाता है।

    • इसी वर्ष से हिजरी कैलेंडर का प्रारंभ हुआ।

  3. निधन:

    • 632 ईस्वी में मदीना में इनका निधन हुआ।

हिजरी कैलेंडर के बारे में:

  • प्रकार: चंद्र आधारित कैलेंडर

  • विशेषता:

    • इसमें अधिकमास (लीप माह) नहीं होता।

    • 12 महीने (कुल 354/355 दिन)

  • महत्व:

    • इस्लामिक धार्मिक त्योहारों और रीति-रिवाजों का निर्धारण इसी से होता है।

हिजरी कैलेंडर के 12 महीने:

  1. मुहर्रम

  2. सफर

  3. रबी-उल-अव्वल

  4. रबी-उस-सानी

  5. जमादी-उल-अव्वल

  6. जमादी-उस-सानी

  7. रजब

  8. शाबान

  9. रमजान

  10. शव्वाल

  11. जिल-काद

  12. जिल-हिज्ज

प्रमुख इस्लामिक त्योहार:

  1. ईद-उल-फितर – रमजान के बाद

  2. ईद-उल-अज़हा – हज के बाद

  3. मुहर्रम – इस्लामिक नव वर्ष

  4. मिलाद-उन-नबी – पैगंबर का जन्मदिन

हिजरी कैलेंडर का महत्व

  • आधार: चंद्र मास (354 दिन)

  • प्रारंभ: 622 ई. (मक्का से मदीना की हिजरत के साथ)

  • विशेषता: इसमें अधिकमास नहीं होता

प्रमुख त्योहार एवं महीने

महीनातारीखत्योहार/विशेष दिनमहत्व
1. मोहर्रम10आशूराइमाम हुसैन की शहादत (680 ई., करबला) की याद में ताजिया निकाले जाते हैं
 20चेहल्लुमहुसैन की मृत्यु के 40वें दिन शोक सभाएँ
3. रबी-उल-अव्वल12ईद-ए-मिलाद-उन-नबीपैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन
 12बारावफातपैगंबर की पुण्यतिथि
7. रज्जब27शब-ए-मेराजपैगंबर का अल्लाह से मिलने का रात्रि (आकाश यात्रा)
8. शाबान15शब-ए-बरातपापों की माफी की रात
9. रमजानपूरा महीनारोज़ेसूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास
 27शब-ए-कद्रकुरान के अवतरण की रात
10. शव्वाल1ईद-उल-फित्ररमजान के बाद मीठी ईद (सेवइयाँ बाँटना)
12. जिल-हिज्ज10ईद-उल-अज़हाबकरीद (कुर्बानी का पर्व)
 हज यात्रामक्का में धार्मिक तीर्थयात्रा

इस्लामिक त्योहारों का विस्तृत विवरण

1. मोहर्रम

  • 10 मोहर्रम: आशूरा

    • इमाम हुसैन (पैगंबर मोहम्मद के दोहिते) की करबला (ईराक) में शहादत (680 ई.) की याद

    • ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं (विशेषकर शिया मुसलमानों द्वारा)

    • सुन्नी मुसलमान इस दिन रोज़ा रखते हैं

2. सफर

  • 20 सफर: चेहल्लुम

    • हुसैन की शहादत के 40वें दिन शोक सभाएँ

3. रबी-उल-अव्वल

  • 12 रबी-उल-अव्वल:

    • ईद-ए-मिलाद-उन-नबी: पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन

    • बारावफात: पैगंबर की पुण्यतिथि भी इसी दिन मनाई जाती है

7. रजब

  • 27 रजब: शब-ए-मेराज

    • पैगंबर की अल्लाह से मुलाकात (आकाश यात्रा) की रात

    • विशेष नमाज़ व इबादत

8. शाबान

  • 15 शाबान: शब-ए-बरात

    • “माफी की रात” – मुसलमान अपने पापों की माफी माँगते हैं

    • पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़ना

9. रमजान

  • पूरा महीना:

    • रोज़े (सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास)

    • कुरान पढ़ने व तरावीह नमाज़ का विशेष महत्व

  • 27 रमजान: शब-ए-कद्र

    • “क़द्र की रात” – कुरान का धरती पर अवतरण

10. शव्वाल

  • 1 शव्वाल: ईद-उल-फित्र

    • रमजान के बाद “मीठी ईद”

    • सेवइयाँ बाँटना व सदक़ा-ए-फित्र देना

12. जिल-हिज्ज

  • हज यात्रा: इस महीने में मक्का की तीर्थयात्रा

  • 10 जिल-हिज्ज: ईद-उल-अज़हा (बकरीद)

    • कुर्बानी का पर्व (पशु बलि)

    • गोश्त तीन हिस्सों में बाँटा जाता है: परिवार, रिश्तेदार व गरीबों के लिए

राजस्थान में मुस्लिम परंपराएँ

  • भरतपुर, अजमेर, टोंक में ईदगाह पर विशेष नमाज़

  • अजमेर दरगाह पर शब-ए-बरात पर चादर चढ़ाने की रिवायत

विशेष तथ्य

  • आशूरा पर शिया मुसलमान मातम मनाते हैं, जबकि सुन्नी रोज़ा रखते हैं।

  • शब-ए-कद्र को “क़द्र की रात” कहते हैं, जो 1000 महीनों से बेहतर मानी जाती है।

  • ईद-उल-अज़हा पर पशु कुर्बानी के बाद मांस गरीबों में बाँटा जाता है।

इस्लामिक पर्व: इबादत, त्याग और एकता का संदेश!

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