खेतलाजी: बाल रक्षक लोकदेवता

(संक्षिप्त परिचय एवं चमत्कारिक मान्यताएँ)

मूल जानकारी

  • मंदिर स्थल: सोनाणा (पाली जिला)

  • प्रमुख मेला: चैत्र शुक्ल एकम (नववर्ष के अवसर पर)

चमत्कारिक महत्व

  1. हकलाहट का उपचार:

    • मान्यता है कि मंदिर में “खेतलाजी की चौकी” पर बैठाकर बच्चों का हकलाना ठीक होता है।

    • पारंपरिक विधि:

      • बच्चे को मंदिर में 7 बार परिक्रमा करवाई जाती है।

      • मिश्री का प्रसाद चढ़ाया जाता है।

  2. बाल रक्षक:

    • शिशुओं के स्वास्थ्य एवं वाक् शक्ति हेतु पूज्य।

मेले की विशेषताएँ

  • चैत्र नवरात्रि के साथ आयोजित।

  • बाल कल्याण अनुष्ठान:

    • माता-पिता द्वारा शिशुओं के लिए विशेष पूजा।

    • लोकगीतों के साथ झूलों की सजावट।

सांस्कृतिक प्रभाव

  • स्थापत्य: सोनाणा मंदिर में राजपूत शैली की कलाकृतियाँ।

  • लोकविश्वास:

    • खेतलाजी को “वाणी का देवता” भी कहा जाता है।

तुलनात्मक विश्लेषण

देवता मंदिर स्थल विशेष योगदान
खेतलाजी सोनाणा (पाली) बाल हकलाहट उपचार
बालकनाथजी देवनारायण (टोंक) बाल रोग निवारण
शीतलामाता चाकसू (जयपुर) शीतला रोगों से बचाव

खेतलाजी: बच्चों की मासूमियत और वाणी के संरक्षक! 

“खेतला री छाप, बचपन री बलिहारी!”

(राजस्थानी कहावत: खेतलाजी बचपन के रक्षक हैं)।

विशेष नोट: सोनाणा मंदिर में चैत्र माह में “मुखवटों का मेला” भी लगता है, जहाँ बच्चों के लिए विशेष नृत्य-नाटक आयोजित होते हैं।

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