परिचय एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत की केंद्रीय बैंकिंग संस्था और सर्वोच्च मौद्रिक प्राधिकरण है। इसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1934 के प्रावधानों के तहत हुई थी। प्रारंभ में यह एक निजी स्वामित्व वाली संस्था थी, लेकिन 1 जनवरी 1949 को राष्ट्रीयकरण के बाद यह पूर्ण रूप से भारत सरकार के अधीन आ गया।
RBI का मुख्यालय मुंबई में स्थित है और इसके चार क्षेत्रीय कार्यालय कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई में हैं। वर्तमान में, RBI के 25 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जो विभिन्न राज्यों में बैंकिंग पर्यवेक्षण का कार्य करते हैं।
संवैधानिक स्थिति एवं स्वायत्तता
कानूनी आधार
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम, 1934: यह RBI का मूल संवैधानिक दस्तावेज है जिसके तहत इसे स्थापित किया गया।
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बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949: बैंकिंग क्षेत्र के विनियमन का प्राथमिक कानून।
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विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (FEMA): विदेशी मुद्रा लेनदेन के विनियमन हेतु।
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भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007: भुगतान प्रणालियों के विनियमन के लिए।
संगठनात्मक संरचना
RBI का नियंत्रण केंद्रीय निदेशक मंडल के हाथों में है, जिसमें निम्न शामिल हैं:
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गवर्नर: मुख्य कार्यकारी अधिकारी (वर्तमान: शक्तिकांत दास)
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उप गवर्नर: 4 उप गवर्नर विभिन्न कार्यों की देखरेख करते हैं
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निदेशक: केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त 15 निदेशक
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सरकारी अधिकारी: 2 सरकारी अधिकारी
स्वायत्तता का मुद्दा
RBI की स्वायत्तता एक जटिल और बहुआयामी मुद्दा है:
स्वायत्तता के पक्ष:
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संस्थागत स्वतंत्रता: RBI अधिनियम के तहत नीति निर्माण में स्वतंत्रता
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मौद्रिक नीति समिति (MPC): 2016 से मौद्रिक नीति निर्णय MPC द्वारा लिए जाते हैं
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विनियामक शक्तियाँ: बैंकिंग विनियमन में व्यापक अधिकार
सीमाएँ:
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सरकारी नियुक्तियाँ: गवर्नर और निदेशक सरकार द्वारा नियुक्त
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वित्त अधिनियम, 2016: सरकार को RBI की नीतियों पर परामर्श देने का अधिकार
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राजकोषीय-मौद्रिक समन्वय: सरकार के साथ निकट समन्वय आवश्यक
ऐतिहासिक विवाद:
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2018 में गवर्नर उर्जित पटेल का इस्तीफा
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RBI के अधिशेष मुद्रा भंडार पर मतभेद
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सरकारी हस्तक्षेप के आरोप
RBI के प्रमुख कार्य
1. मौद्रिक नीति निर्माता (Monetary Policy Authority)
मौद्रिक नीति समिति (MPC):
2016 में स्थापित MPC मौद्रिक नीति निर्णय लेती है। इसमें 6 सदस्य होते हैं:
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RBI गवर्नर (अध्यक्ष)
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RBI के 3 सदस्य
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सरकार द्वारा नियुक्त 3 बाहरी सदस्य
मौद्रिक नीति उपकरण:
A. नीति दरें:
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रेपो दर (Repurchase Rate):
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वर्तमान: 6.50% (फरवरी 2024)
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परिभाषा: RBI द्वारा बैंकों से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदने की दर
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प्रभाव: रेपो दर बढ़ने से ऋण महँगा होता है
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रिवर्स रेपो दर:
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वर्तमान: 3.35%
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परिभाषा: RBI द्वारा बैंकों को धन जमा करने पर दी जाने वाली दर
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उद्देश्य: तरलता नियंत्रण
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सीमांत स्थायी सुविधा (MSF):
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वर्तमान: 6.75%
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बैंक रातोंरात RBI से धन उधार ले सकते हैं
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रेपो दर से 0.25% अधिक
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बैंक दर:
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वर्तमान: 6.75%
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RBI द्वारा बैंकों को दीर्घकालीन ऋण पर लगाई जाने वाली दर
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B. आरक्षित अनुपात:
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नकद आरक्षित अनुपात (CRR):
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वर्तमान: 4.50%
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बैंकों को अपनी कुल जमाओं का यह प्रतिशत RBI के पास नकद रखना होता है
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CRR पर ब्याज नहीं मिलता
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वैधानिक तरलता अनुपात (SLR):
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वर्तमान: 18.00%
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बैंकों को अपनी जमाओं का यह प्रतिशत सरकारी प्रतिभूतियों में रखना होता है
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SLR पर ब्याज मिलता है
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C. खुले बाजार के संचालन (OMO):
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RBI द्वारा सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री
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बाजार में तरलता प्रबंधन
D. रेपो/रिवर्स रेपो नीलामी:
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परिवर्तनीय दर नीलामी प्रणाली
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तरलता समायोजन के लिए
मौद्रिक नीति का उद्देश्य:
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मूल्य स्थिरता (मुख्य लक्ष्य)
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विकास को बढ़ावा
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विनिमय दर स्थिरता
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वित्तीय स्थिरता
2. बैंकों का नियामक (Banking Regulator)
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत शक्तियाँ:
A. बैंक लाइसेंसिंग:
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नए बैंकों की स्थापना की अनुमति
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शाखा विस्तार का अनुमोदन
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बैंकों के विलय और अधिग्रहण की स्वीकृति
B. पूँजी पर्याप्तता मानदंड:
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BASEL III मानदंडों का क्रियान्वयन
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कुल पूँजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR): 9%
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CET1 (कॉमन इक्विटी टियर 1): 5.5%
C. ऋण नीति विनियमन:
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प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL): 40% लक्ष्य
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ऋण से जमा अनुपात (CD Ratio)
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ऋण वर्गीकरण और प्रावधान मानदंड
D. जमा बीमा:
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जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC)
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प्रति जमाकर्ता ₹5 लाख तक बीमा
3. विदेशी मुद्रा प्रबंधक (Foreign Exchange Manager)
FEMA, 1999 के तहत भूमिका:
A. विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन:
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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार: $600 बिलियन+ (2024)
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भंडार के घटक:
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विदेशी मुद्रा संपत्ति
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स्वर्ण भंडार
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SDR (विशेष आहरण अधिकार)
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IMF के पास आरक्षित शेष
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B. विनिमय दर प्रबंधन:
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प्रबंधित तैरती विनिमय दर प्रणाली
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अधिशेष विदेशी मुद्रा की बिक्री
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विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप
C. विदेशी मुद्रा लेनदेन विनियमन:
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प्रतिभूति में विदेशी निवेश (FPI/FDI)
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विदेशी मुद्रा ऋण
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चालू खाता लेनदेन की स्वतंत्रता
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पूँजी खाता नियंत्रण
D. विदेशी मुद्रा अपराध प्रवर्तन:
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FEMA उल्लंघनों की जाँच
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) के साथ समन्वय
4. करेंसी जारीकर्ता (Currency Issuer)
नोट जारी करने की शक्ति:
A. करेंसी प्रबंधन:
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नोटों का निर्गमन और परिसंचरण
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पुराने और घिसे नोटों का विनष्टीकरण
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नकदी की आपूर्ति प्रबंधन
B. नोटों का मूल्यवर्ग:
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महात्मा गांधी श्रृंखला और नई श्रृंखला
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मूल्यवर्ग: ₹2, ₹5, ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200, ₹500, ₹2000
C. सिक्का जारी करना:
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सिक्के भारत सरकार द्वारा जारी
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RBI सिक्कों के परिसंचरण का प्रबंधन करता है
D. नकली करेंसी रोकथाम:
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सुरक्षा विशेषताओं का उन्नयन
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जन जागरूकता कार्यक्रम
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नकली नोट पहचानने के तरीके
5. सरकार का बैंकर (Banker to Government)
केंद्र और राज्य सरकारों के लिए बैंकिंग सेवाएँ:
A. सरकारी खातों का प्रबंधन:
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केंद्र सरकार के खाते
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राज्य सरकारों के खाते
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जमा, भुगतान और हस्तांतरण सेवाएँ
B. सार्वजनिक ऋण प्रबंधन:
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सरकारी प्रतिभूतियों का निर्गमन
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ऋण नीलामी का संचालन
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ऋण भुगतान का प्रबंधन
C. Ways and Means Advances (WMA):
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सरकार को अल्पकालीन अग्रिम
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नियमित WMA और विशेष WMA
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ब्याज दरें RBI द्वारा निर्धारित
D. राजकोषीय एजेंट:
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सरकारी राजस्व संग्रह
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सरकारी व्यय का निष्पादन
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राजकोषीय रिपोर्टिंग
6. पर्यवेक्षी कार्य (Supervisory Functions)
बैंकिंग पर्यवेक्षण ढाँचा:
A. एकीकृत पर्यवेक्षण:
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वाणिज्यिक बैंक
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सहकारी बैंक
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NBFCs
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भुगतान बैंक और SFBs
B. जोखिम-आधारित पर्यवेक्षण (RBS):
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पूँजी जोखिम
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ऋण जोखिम
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बाजार जोखिम
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परिचालन जोखिम
C. ऑन-साइट और ऑफ-साइट पर्यवेक्षण:
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ऑन-साइट: सीधे बैंकों का निरीक्षण
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ऑफ-साइट: वित्तीय रिपोर्टों के माध्यम से निगरानी
D. CAMELS रेटिंग प्रणाली:
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C: पूँजी पर्याप्तता
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A: संपत्ति गुणवत्ता
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M: प्रबंधन
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E: कमाई
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L: तरलता
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S: संवेदनशीलता
नियामक भूमिका: विशेष पहल
BASEL III मानदंडों का क्रियान्वयन
भारत में BASEL III रोडमैप:
A. पूँजी पर्याप्तता आवश्यकताएँ:
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कुल CRAR: 9% (न्यूनतम 8% + संरक्षण बफर 2.5%)
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CET1: 5.5%
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टियर 1 पूँजी: 7%
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संरक्षण बफर: 2.5%
B. लीवरेज अनुपात:
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न्यूनतम 4%
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कुल एक्सपोजर के संबंध में पूँजी
C. तरलता मानदंड:
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तरलता कवरेज अनुपात (LCR):
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100% लक्ष्य
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उच्च गुणवत्ता वाली तरल संपत्तियाँ
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नेट स्थिर वित्त अनुपात (NSFR):
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100% लक्ष्य
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दीर्घकालिक तरलता सुनिश्चित करना
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D. बड़े एक्सपोजर फ्रेमवर्क:
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एकल उधारकर्ता सीमा: 20% पूँजी
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समूह एक्सपोजर सीमा: 25% पूँजी
प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) फ्रेमवर्क
PCA का उद्देश्य:
कमजोर बैंकों को समय रहते सुधार के लिए प्रोत्साहित करना
PCA मापदंड (2021 संशोधित):
A. पूँजी पर्याप्तता:
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CRAR ≤ 10.25% लेकिन > 9%
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CRAR ≤ 9% लेकिन > 6.75%
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CRAR ≤ 6.75%
B. NPA स्तर:
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नेट NPA 6% से अधिक लेकिन ≤ 9%
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नेट NPA 9% से अधिक लेकिन ≤ 12%
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नेट NPA > 12%
C. लाभप्रदता:
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लगातार 2 वर्षों तक रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) नकारात्मक
D. लीवरेज:
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लीवरेज अनुपात ≤ 4%
PCA के तहत प्रतिबंध:
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शाखा विस्तार पर रोक
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लाभांश वितरण प्रतिबंध
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प्रबंधन पारिश्रमिक पर सीमाएँ
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नए व्यवसाय गतिविधियों पर प्रतिबंध
विशेष पहल और नवाचार
1. डिजिटल भुगतान पहल
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UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस)
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भीम (BHIM) ऐप
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डिजिटल करेंसी
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संपर्क रहित भुगतान
2. वित्तीय समावेशन
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प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY)
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बैंकिंग संवाददाता मॉडल
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डिजिटल बैंकिंग इकाइयाँ (DBUs)
3. साइबर सुरक्षा
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साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क
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डिजिटल भुगतान सुरक्षा दिशानिर्देश
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कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) के साथ समन्वय
4. ग्रीन बैंकिंग
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सतत वित्त दिशानिर्देश
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जलवायु जोखिम प्रबंधन
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हरित बांड फ्रेमवर्क
चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा
प्रमुख चुनौतियाँ:
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मौद्रिक नीति संचरण: ब्याज दर परिवर्तनों का वास्तविक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
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NPA संकट: बैंकों में गैर-निष्पादित आस्तियों का उच्च स्तर
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वित्तीय स्थिरता: NBFC संकट और प्रणालीगर जोखिम
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डिजिटल विसंगति: डिजिटल भुगतान और पारंपरिक बैंकिंग के बीच अंतर
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वैश्विक अनिश्चितता: जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक मौद्रिक नीति
भविष्य की प्राथमिकताएँ:
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केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC): डिजिटल रुपया
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जलवायु वित्त: हरित बैंकिंग मानदंड
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डेटा गोपनीयता: डिजिटल भुगतान डेटा संरक्षण
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फिनटेक विनियमन: नवाचार और स्थिरता के बीच संतुलन
निष्कर्ष
भारतीय रिजर्व बैंक भारतीय आर्थिक प्रणाली का केंद्रीय स्तंभ है, जो मौद्रिक स्थिरता, वित्तीय सुदृढ़ता और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपनी बहुआयामी भूमिकाओं के माध्यम से – मौद्रिक नीति निर्माता, बैंकों का नियामक, विदेशी मुद्रा प्रबंधक, करेंसी जारीकर्ता और सरकार के बैंकर के रूप में – RBI ने देश की आर्थिक प्रगति में अमूल्य योगदान दिया है।
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के बदलाव और तकनीकी क्रांति के इस युग में, RBI ने स्वयं को नई चुनौतियों के अनुरूप ढाला है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, वित्तीय समावेशन को सुनिश्चित करने, साइबर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और सतत वित्त को प्रोत्साहित करने में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास पथ पर आगे बढ़ने के साथ-साथ RBI की भूमिका और जिम्मेदारियाँ भी विस्तारित होंगी। इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह कैसे नवाचार और विनियमन, स्थिरता और विकास, राष्ट्रीय हितों और वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाए रखता है।
भारतीय रिजर्व बैंक: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सामान्य ज्ञान संबंधी:
Q1. RBI की स्थापना कब हुई?
A: RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई।
Q2. RBI का मुख्यालय कहाँ है?
A: RBI का मुख्यालय मुंबई में है।
Q3. RBI के वर्तमान गवर्नर कौन हैं?
A: शक्तिकांत दास (दिसंबर 2018 से)
Q4. RBI का राष्ट्रीयकरण कब हुआ?
A: 1 जनवरी 1949 को RBI का राष्ट्रीयकरण हुआ।
Q5. RBI के कितने उप गवर्नर होते हैं?
A: RBI के 4 उप गवर्नर होते हैं।
मौद्रिक नीति संबंधी:
Q6. MPC क्या है और इसमें कितने सदस्य होते हैं?
A: MPC (मौद्रिक नीति समिति) मौद्रिक नीति निर्णय लेती है। इसमें 6 सदस्य होते हैं – RBI गवर्नर, 3 RBI सदस्य और 3 बाहरी सदस्य।
Q7. रेपो दर और रिवर्स रेपो दर में क्या अंतर है?
A:
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रेपो दर: RBI बैंकों से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदने की दर
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रिवर्स रेपो दर: RBI बैंकों को धन जमा करने पर देने वाली दर
Q8. वर्तमान रेपो दर क्या है?
A: फरवरी 2024 तक रेपो दर 6.50% है।
Q9. CRR और SLR में क्या अंतर है?
A:
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CRR: बैंकों को RBI के पास नकद रखना होता है (ब्याज नहीं मिलता)
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SLR: बैंकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करना होता है (ब्याज मिलता है)
Q10. वर्तमान CRR और SLR क्या हैं?
A:
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CRR: 4.50%
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SLR: 18.00%
नियामक कार्य संबंधी:
Q11. RBI किन बैंकों को विनियमित करता है?
A: RBI सभी वाणिज्यिक बैंकों, सहकारी बैंकों, NBFCs, भुगतान बैंकों और SFBs को विनियमित करता है।
Q12. BASEL III क्या है?
A: BASEL III अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग मानदंड हैं जो पूँजी पर्याप्तता, तरलता और लीवरेज को नियंत्रित करते हैं।
Q13. भारत में BASEL III CRAR आवश्यकता क्या है?
A: न्यूनतम 9% (8% + 2.5% संरक्षण बफर)
Q14. PCA फ्रेमवर्क क्या है?
A: PCA (प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन) कमजोर बैंकों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया है।
Q15. PCA के मापदंड क्या हैं?
A: पूँजी पर्याप्तता, NPA स्तर, लाभप्रदता और लीवरेज।
विदेशी मुद्रा प्रबंधन संबंधी:
Q16. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना है?
A: फरवरी 2024 तक लगभग $600 बिलियन।
Q17. FEMA क्या है?
A: FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999) विदेशी मुद्रा लेनदेन को विनियमित करता है।
Q18. RBI विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन कैसे करता है?
A: विभिन्न मुद्राओं, स्वर्ण और अन्य संपत्तियों में निवेश करके।
Q19. विनिमय दर प्रणाली क्या है?
A: भारत में प्रबंधित तैरती विनिमय दर प्रणाली है।
करेंसी संबंधी:
Q20. RBI कौन-कौन से नोट जारी करता है?
A: ₹2, ₹5, ₹10, ₹20, ₹50, ₹100, ₹200, ₹500, ₹2000 के नोट।
Q21. सिक्के कौन जारी करता है?
A: सिक्के भारत सरकार जारी करती है, RBI उनके परिसंचरण का प्रबंधन करता है।
Q22. नकली नोटों से कैसे बचें?
A: सुरक्षा विशेषताएँ जाँचें, UV लाइट का उपयोग करें, संदेह होने पर बैंक से संपर्क करें।
Q23. पुराने और कटे-फटे नोट कहाँ बदलवाएँ?
A: किसी भी बैंक शाखा में, लेकिन कुछ शर्तों के साथ।
सरकारी बैंकर संबंधी:
Q24. Ways and Means Advances क्या है?
A: सरकार को अल्पकालीन ऋण जो RBI प्रदान करता है।
Q25. WMA की ब्याज दर कौन निर्धारित करता है?
A: RBI WMA की ब्याज दर निर्धारित करता है।
भुगतान प्रणाली संबंधी:
Q26. NPCI क्या है?
A: NPCI (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) भुगतान प्रणालियों का विकास करती है, RBI द्वारा विनियमित।
Q27. UPI क्या है?
A: UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) एक रीयल-टाइम भुगतान प्रणाली है।
Q28. डिजिटल करेंसी क्या है?
A: RBI द्वारा जारी डिजिटल रुपया, जो कानूनी निविदा का डिजिटल रूप है।
शिकायत निवारण संबंधी:
Q29. बैंकिंग शिकायत कहाँ दर्ज करें?
A: पहले बैंक, फिर बैंकिंग लोकपाल, RBI के पोर्टल पर।
Q30. बैंकिंग लोकपाल कौन है?
A: एक स्वतंत्र अधिकारी जो बैंकिंग शिकायतों का निपटारा करता है।
तकनीकी और डिजिटल संबंधी:
Q31. CBDC क्या है?
A: CBDC (केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा) डिजिटल रुपया है।
Q32. RBI साइबर सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है?
A: दिशानिर्देश जारी करके, निरीक्षण करके, और जागरूकता फैलाकर।
Q33. फिनटेक कंपनियों को RBI कैसे विनियमित करता है?
A: विशेष दिशानिर्देश और लाइसेंसिंग प्रक्रिया के माध्यम से।
वित्तीय समावेशन संबंधी:
Q34. PMJDY में RBI की क्या भूमिका है?
A: नीति निर्माण, कार्यान्वयन और निगरानी।
Q35. बैंकिंग संवाददाता कौन होते हैं?
A: स्थानीय एजेंट जो बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय भूमिका संबंधी:
Q36. RBI की अंतर्राष्ट्रीय भूमिका क्या है?
A: BIS (बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स) का सदस्य, IMF और विश्व बैंक के साथ समन्वय।
Q37. RBI का SWIFT से क्या संबंध है?
A: RBI भारत में SWIFT लेनदेन की निगरानी करता है।
कैरियर और शैक्षणिक:
Q38. RBI में नौकरी कैसे पाएँ?
A: RBI द्वारा आयोजित परीक्षाओं के माध्यम से।
Q39. RBI ग्रेड B परीक्षा क्या है?
A: RBI के अधिकारी पद के लिए परीक्षा।
Q40. RBI के लिए कौन-सी शैक्षणिक योग्यता चाहिए?
A: स्नातक डिग्री, विशेष परीक्षाओं के लिए विशिष्ट योग्यताएँ।
IIBF परीक्षा के लिए विशेष:
Q41. RBI से संबंधित IIBF परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
A: मौद्रिक नीति, विनियामक भूमिका, बैंकिंग नियम, नवीनतम परिपत्र।
Q42. RBI की भूमिका पर कितने अंक के प्रश्न आते हैं?
A: JAIIB/CAIIB में 15-20% प्रश्न RBI से संबंधित।
Q43. RBI के नवीनतम परिपत्र कहाँ से पढ़ें?
A: RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in से।
Q44. मौद्रिक नीति में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?
A: MPC निर्णय, दरें, और उनका अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।
Q45. BASEL III के लिए क्या याद रखना चाहिए?
A: पूँजी अनुपात, LCR, NSFR, क्रियान्वयन तिथियाँ।