सिख समुदाय के प्रमुख त्योहार एवं ऐतिहासिक महत्वBy rajasthanfactss / August 17, 2025 1. गुरु नानक जयंती (कार्तिक पूर्णिमा)महत्व:सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्वगुरुद्वारों में अखंड पाठ और लंगर का आयोजन 2. वैशाखी (13 अप्रैल)ऐतिहासिक महत्व:1699 ई.: गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की1919 ई.: जलियांवाला बाग हत्याकांड (अमृतसर) की याद में शहीदी दिवसउत्सव:भांगड़ा-गिद्दा नृत्यनए साल (पंजाबी कैलेंडर) के रूप में मनाया जाता है 3. गुरु गोविंद सिंह जयंती (पौष शुक्ल सप्तमी)महत्व:सिखों के 10वें गुरु का जन्मोत्सव“सरबत दा भला” के संदेश का प्रचार 4. लोहड़ी (13 जनवरी)पारंपरिक उत्सव:अलाव जलाकर तिल, गुड़ और मूंगफली बांटनानवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद राजस्थान में सिख मेले1. कोलायत मेला (बीकानेर)कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजितसिख-हिंदू एकता का प्रतीकहिंदू: सत्यनारायण पूजासिख: गुरु नानक जयंतीकपिल मुनि के आश्रम से जुड़ा धार्मिक स्थल 2. साहवा मेला (चुरू)स्थानीय सिख समुदाय द्वारा मनाया जाता है विशेष तथ्यखालसा पंथ स्थापना दिवस (वैशाखी) पर 5 प्यारों की भूमिका निभाने की परंपरालोहड़ी पर पंजाबी लोकगीत “सुंदर मुंदरिए हो…” गाया जाता हैसिख पर्व: शौर्य, सेवा और समरसता की मिसाल!“वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह!”