सिख समुदाय के प्रमुख त्योहार एवं ऐतिहासिक महत्व

1. गुरु नानक जयंती (कार्तिक पूर्णिमा)

  • महत्व:

    • सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व

    • गुरुद्वारों में अखंड पाठ और लंगर का आयोजन

2. वैशाखी (13 अप्रैल)

  • ऐतिहासिक महत्व:

    • 1699 ई.: गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की

    • 1919 ई.: जलियांवाला बाग हत्याकांड (अमृतसर) की याद में शहीदी दिवस

  • उत्सव:

    • भांगड़ा-गिद्दा नृत्य

    • नए साल (पंजाबी कैलेंडर) के रूप में मनाया जाता है

3. गुरु गोविंद सिंह जयंती (पौष शुक्ल सप्तमी)

  • महत्व:

    • सिखों के 10वें गुरु का जन्मोत्सव

    • “सरबत दा भला” के संदेश का प्रचार

4. लोहड़ी (13 जनवरी)

  • पारंपरिक उत्सव:

    • अलाव जलाकर तिल, गुड़ और मूंगफली बांटना

    • नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद

राजस्थान में सिख मेले

1. कोलायत मेला (बीकानेर)

  • कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित

  • सिख-हिंदू एकता का प्रतीक

    • हिंदू: सत्यनारायण पूजा

    • सिख: गुरु नानक जयंती

  • कपिल मुनि के आश्रम से जुड़ा धार्मिक स्थल

2. साहवा मेला (चुरू)

  • स्थानीय सिख समुदाय द्वारा मनाया जाता है

विशेष तथ्य

  • खालसा पंथ स्थापना दिवस (वैशाखी) पर 5 प्यारों की भूमिका निभाने की परंपरा

  • लोहड़ी पर पंजाबी लोकगीत “सुंदर मुंदरिए हो…” गाया जाता है

सिख पर्व: शौर्य, सेवा और समरसता की मिसाल!

“वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह!”

 
 
 
 
 
 
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