सिन्धी समुदाय के प्रमुख त्योहार

1. चेटीचंड (चैत्र शुक्ल एकम)

  • महत्व:

    • सिन्धी नववर्ष का प्रारंभ

    • झूलेलाल (सूलेलाल) जी का जन्मोत्सव

    • झूलेलाल जी को भगवान वरुण (समुद्र के देवता) का अवतार माना जाता है

  • रिवाज:

    • मंदिरों में विशेष पूजा

    • घरों में मीठे चावल (ताहिरी) बनाने की परंपरा

2. अश्चंद (आश्विन शुक्ल एकम)

  • महत्व:

    • झूलेलाल जी का निर्वाण दिवस

    • सिन्धी समुदाय द्वारा श्रद्धांजलि

3. चालीहा (16 जुलाई – 24 अगस्त)

  • 40 दिन का व्रत:

    • झूलेलाल जी की स्मृति में

    • महिलाएँ सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत रखती हैं

4. यदड़ी सातम (भाद्रपद कृष्ण सप्तमी)

  • महत्व:

    • कृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले मनाया जाता है

    • सातम (सप्तमी) को झूलेलाल जी की कथा सुनने का विधान

  • रिवाज:

    • कलश स्थापना और 7 प्रकार के अनाज से पूजा

राजस्थान में सिन्धी संस्कृति

  • जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर में बड़ी संख्या में सिन्धी समुदाय

  • उदयपुर के सिन्धी मंदिरों में चेटीचंड पर विशेष आयोजन

विशेष तथ्य

  • झूलेलाल जी को “पानी पिरो” (जल के संरक्षक) भी कहा जाता है

  • चेटीचंड पर सिन्धी भोजन जैसे दाल पाक, सेवईयाँ बनाने की परंपरा

सिन्धी त्योहार: आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक!

Scroll to Top