सिन्धी समुदाय के प्रमुख त्योहारBy rajasthanfactss / August 17, 2025 1. चेटीचंड (चैत्र शुक्ल एकम)महत्व:सिन्धी नववर्ष का प्रारंभझूलेलाल (सूलेलाल) जी का जन्मोत्सवझूलेलाल जी को भगवान वरुण (समुद्र के देवता) का अवतार माना जाता हैरिवाज:मंदिरों में विशेष पूजाघरों में मीठे चावल (ताहिरी) बनाने की परंपरा 2. अश्चंद (आश्विन शुक्ल एकम)महत्व:झूलेलाल जी का निर्वाण दिवससिन्धी समुदाय द्वारा श्रद्धांजलि 3. चालीहा (16 जुलाई – 24 अगस्त)40 दिन का व्रत:झूलेलाल जी की स्मृति मेंमहिलाएँ सुबह सूर्योदय से पहले स्नान कर व्रत रखती हैं 4. यदड़ी सातम (भाद्रपद कृष्ण सप्तमी)महत्व:कृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पहले मनाया जाता हैसातम (सप्तमी) को झूलेलाल जी की कथा सुनने का विधानरिवाज:कलश स्थापना और 7 प्रकार के अनाज से पूजा राजस्थान में सिन्धी संस्कृतिजयपुर, बीकानेर, बाड़मेर में बड़ी संख्या में सिन्धी समुदायउदयपुर के सिन्धी मंदिरों में चेटीचंड पर विशेष आयोजन विशेष तथ्यझूलेलाल जी को “पानी पिरो” (जल के संरक्षक) भी कहा जाता हैचेटीचंड पर सिन्धी भोजन जैसे दाल पाक, सेवईयाँ बनाने की परंपरासिन्धी त्योहार: आस्था, संस्कृति और एकता का प्रतीक!