परिचय और ऐतिहासिक संदर्भ
‘अपने ग्राहक को जानें’ (Know Your Customer – KYC) मानदंड आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का एक अभिन्न अंग है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बैंक और वित्तीय संस्थान अपने ग्राहकों की पहचान और पते की वैधता सत्यापित करते हैं। भारत में KYC मानदंडों की शुरुआत 2002 में हुई जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पहली बार इन दिशानिर्देशों को जारी किया।
KYC का ऐतिहासिक विकास
2002: RBI द्वारा प्रथम KYC दिशानिर्देश जारी
2004: मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) लागू
2008: वैश्विक वित्तीय संकट के बाद सख्त KYC नियम
2011: Aadhaar आधारित KYC की शुरुआत
2016: प्रमुख संशोधन और ई-केवाईसी की औपचारिक शुरुआत
2019: सर्वोच्च न्यायालय द्वारा Aadhaar की सीमाएँ निर्धारित
2021: नवीनतम संशोधन और COVID के बाद की प्रक्रियाएँ
RBI के KYC दिशानिर्देश: विस्तृत विश्लेषण
2016 संशोधन: प्रमुख बदलाव
1. जोखिम-आधारित दृष्टिकोण का परिचय
RBI ने 2016 में एक नया जोखिम-आधारित KYC दृष्टिकोण पेश किया:
जोखिम श्रेणियाँ:
निम्न जोखिम: सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी, छोटे किसान
मध्यम जोखिम: व्यवसायी, स्व-नियोजित पेशेवर
उच्च जोखिम: राजनीतिक रूप से संवेदनशील व्यक्ति (PEPs), नकदी प्रधान व्यवसाय
जोखिम मूल्यांकन मापदंड:
ग्राहक की प्रकृति और व्यवसाय
लेनदेन का पैटर्न और आवृत्ति
ग्राहक का भौगोलिक स्थान
ग्राहक की आय का स्रोत
2. सरलीकृत KYC प्रक्रिया
2016 के संशोधन ने सरलीकृत KYC प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया:
पात्र ग्राहक:
कम जोखिम वाले ग्राहक
₹50,000 से कम के वार्षिक लेनदेन
प्रति माह ₹10,000 से कम के लेनदेन
दस्तावेज़ आवश्यकताएँ:
आधार कार्ड (पहचान और पता दोनों के लिए)
स्व-घोषणा प्रपत्र
सरलीकृत KYC फॉर्म
3. ई-केवाईसी का औपचारीकरण
2016 में ई-केवाईसी को मान्यता मिली:
ई-केवाईसी के प्रकार:
आधार-आधारित ई-केवाईसी:
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
UIDAI से सीधे डेटा प्राप्ति
डिजिटल दस्तावेज़ आधारित:
स्कैन किए गए दस्तावेज़
लाइव फोटोग्राफ
IP एड्रेस सत्यापन
4. KYC रिकॉर्ड रखरखाव में बदलाव
अद्यतन आवृत्ति:
उच्च जोखिम: प्रति वर्ष
मध्यम जोखिम: प्रति 8 वर्ष
निम्न जोखिम: प्रति 10 वर्ष
रिकॉर्ड अवधि:
लेनदेन रिकॉर्ड: 5 वर्ष
KYC दस्तावेज़: 10 वर्ष
2021 संशोधन: नवीनतम परिवर्तन
1. वीडियो-आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया (V-CIP)
2021 में RBI ने V-CIP को मंजूरी दी:
V-CIP की विशेषताएँ:
लाइव वीडियो इंटरैक्शन
रीयल-टाइम दस्तावेज़ सत्यापन
जियो-टैगिंग और टाइम-स्टैम्पिंग
मोबाइल ऐप या वेब पोर्टल के माध्यम से
तकनीकी आवश्यकताएँ:
हार्डवेयर:
कैमरा युक्त डिवाइस
माइक्रोफोन
स्टेबल इंटरनेट कनेक्शन
सॉफ्टवेयर:
लाइवनेस डिटेक्शन
फेशियल रिकग्निशन
OCR तकनीक
सुरक्षा:
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन
सिक्योर सर्वर
डेटा प्रोटेक्शन
2. KYC के लिए डिजिटल दस्तावेज़ों की स्वीकार्यता
2021 संशोधन ने डिजिटल दस्तावेज़ों को पूरी तरह से मान्यता दी:
स्वीकार्य डिजिटल दस्तावेज़:
आधिकारिक डिजिटल दस्तावेज़:
डिजिलॉकर से दस्तावेज़
डिजिटल हस्ताक्षरित दस्तावेज़
सरकारी पोर्टल से डाउनलोड
स्व-सत्यापित दस्तावेज़:
मोबाइल से स्कैन किए गए दस्तावेज़
क्लाउड स्टोरेज से दस्तावेज़
ईमेल अटैचमेंट
3. सरलीकृत KYC में विस्तार
2021 संशोधन ने सरलीकृत KYC के दायरे को बढ़ाया:
नए शामिल ग्राहक:
छात्र (18-25 वर्ष)
गृहिणियाँ
वरिष्ठ नागरिक (75+ वर्ष)
निम्न आय वर्ग (₹2.5 लाख से कम वार्षिक आय)
सरलीकृत KYC सीमाएँ:
वार्षिक लेनदेन: ₹2 लाख तक
एकल लेनदेन: ₹50,000 तक
कुल जमा शेष: ₹1 लाख तक
4. केंद्रीय KYC रजिस्ट्री (CKYC) को बढ़ावा
2021 संशोधन ने CKYC को प्रोत्साहित किया:
CKYC की विशेषताएँ:
एक बार KYC, सभी बैंकों में मान्य
केवाईआर (KYC Registration) नंबर जारी
ऑनलाइन अद्यतन की सुविधा
ग्राहक द्वारा पोर्टल एक्सेस
लाभ:
ग्राहकों के लिए:
बार-बार KYC की आवश्यकता नहीं
समय और प्रयास की बचत
डेटा सुरक्षा
बैंकों के लिए:
लागत कमी
प्रक्रिया दक्षता
बेहतर अनुपालन
5. KYC के लिए वैकल्पिक दस्तावेज़ों का विस्तार
2021 में नए वैकल्पिक दस्तावेज़ शामिल किए गए:
नए स्वीकार्य दस्तावेज़:
पहचान प्रमाण:
डिजिटल ड्राइविंग लाइसेंस
ई-पासपोर्ट
डिजिटल वोटर ID
पता प्रमाण:
डिजिटल यूटिलिटी बिल
प्रोपर्टी टैक्स रसीद
डिजिटल रेंट एग्रीमेंट
आधार-आधारित ई-केवाईसी: विस्तृत विश्लेषण
ई-केवाईसी का तकनीकी ढांचा
1. ई-केवाईसी के प्रकार
A. आधार बायोमेट्रिक ई-केवाईसी:
फिंगरप्रिंट/आइरिस स्कैनिंग
UIDAI ऑथेंटिकेशन
डिजिटल हस्ताक्षर
B. आधार OTP-आधारित ई-केवाईसी:
मोबाइल OTP सत्यापन
डेमोग्राफिक डेटा सत्यापन
त्वरित प्रक्रिया
2. तकनीकी प्रक्रिया
चरण 1: ग्राहक सहमति
ग्राहक से स्पष्ट सहमति
डेटा उपयोग की शर्तें
गोपनीयता नीति स्वीकृति
चरण 2: बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
UIDAI के साथ सीधा संपर्क
लाइवनेस डिटेक्शन
बायोमेट्रिक डेटा सत्यापन
चरण 3: डेटा प्राप्ति
UIDAI से KYC डेटा प्राप्ति
XML फॉर्मेट में डेटा
डिजिटल हस्ताक्षर सत्यापन
चरण 4: स्थानीय स्टोरेज
एन्क्रिप्टेड डेटाबेस
एक्सेस कंट्रोल मैकेनिज्म
ऑडिट ट्रेल रखरखाव
3. सुरक्षा उपाय
डेटा सुरक्षा:
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन
सर्टिफाइड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल
नियमित सुरक्षा ऑडिट
गोपनीयता सुरक्षा:
डेटा मिनिमाइजेशन
उद्देश्य सीमित उपयोग
समयबद्ध डेटा रिटेंशन
ई-केवाईसी की सीमाएँ और शर्तें
1. लेनदेन सीमाएँ
वर्तमान सीमाएँ (2024):
वार्षिक लेनदेन सीमा: ₹2 लाख
खाते में अधिकतम शेष: ₹1 लाख
प्रति लेनदेन सीमा: ₹50,000
2. पात्रता मानदंड
ई-केवाईसी के लिए पात्र:
भारतीय नागरिक
वैध आधार कार्ड धारक
आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
ई-केवाईसी के लिए अपात्र:
विदेशी नागरिक
बिना आधार वाले नागरिक
आधार जैवमितीय अपडेट आवश्यक
3. विशेष स्थितियाँ
विशेष आवश्यकता वाले व्यक्ति:
दिव्यांग व्यक्ति
वरिष्ठ नागरिक (75+ वर्ष)
बायोमेट्रिक अपवाद स्थितियाँ
दस्तावेज़: व्यापक वर्गीकरण
पहचान प्रमाण (Proof of Identity)
A. सरकार द्वारा जारी दस्तावेज़
1. आधार कार्ड:
सबसे व्यापक रूप से स्वीकार्य
पहचान और पता दोनों का प्रमाण
इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार्य
2. पैन कार्ड:
सभी वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य
कर संबंधी पहचान
फोटो सहित और बिना फोटो दोनों
3. मतदाता पहचान पत्र:
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी
फोटो और हस्ताक्षर सहित
सभी राज्यों में मान्य
4. ड्राइविंग लाइसेंस:
राज्य परिवहन विभाग द्वारा जारी
स्मार्ट कार्ड और पेपर दोनों स्वीकार्य
पता परिवर्तन के लिए विशेष प्रावधान
5. पासपोर्ट:
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी
अंतर्राष्ट्रीय मान्यता
सबसे सुरक्षित पहचान प्रमाण
B. अन्य स्वीकार्य दस्तावेज़
1. नरेगा जॉब कार्ड:
ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना
सरकारी पहचान प्रमाण
फोटो और विवरण सहित
2. पत्रकार पहचान पत्र:
मान्यता प्राप्त मीडिया संस्थानों द्वारा
सरकारी प्रेस कार्ड
फोटो और विवरण सहित
3. छात्र पहचान पत्र:
मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों द्वारा
फोटो और विवरण सहित
वैधता अवधि स्पष्ट
4. सेवानिवृत्ति पत्र:
सरकारी/सार्वजनिक उपक्रम द्वारा
फोटो और सेवा विवरण
पेंशन भुगतान का प्रमाण
पता प्रमाण (Proof of Address)
A. सरकारी दस्तावेज़
1. आधार कार्ड:
पते का अद्यतन संस्करण
UIDAI वेबसाइट से डाउनलोड
ई-आधार मान्य
2. पासपोर्ट:
वर्तमान पते का उल्लेख
नवीनतम पासपोर्ट
ई-पासपोर्ट स्वीकार्य
3. वोटर ID कार्ड:
वर्तमान निवास स्थान
नवीनतम जारी कार्ड
डिजिटल संस्करण स्वीकार्य
B. यूटिलिटी बिल
1. बिजली बिल:
नवीनतम 3 महीने के भीतर
ग्राहक के नाम पर
डिजिटल बिल स्वीकार्य
2. टेलीफोन बिल:
लैंडलाइन टेलीफोन
नवीनतम 3 महीने के भीतर
डिजिटल बिल स्वीकार्य
3. गैस कनेक्शन बिल:
नवीनतम बिल
ग्राहक के नाम पर
डिजिटल संस्करण
4. पानी का बिल:
नगर निगम/पानी बोर्ड द्वारा
नवीनतम 3 महीने के भीतर
डिजिटल संस्करण
C. अन्य दस्तावेज़
1. बैंक पासबुक/स्टेटमेंट:
नवीनतम 3 महीने के भीतर
पते का स्पष्ट उल्लेख
डिजिटल स्टेटमेंट स्वीकार्य
2. डाक विभाग के पत्र:
ग्राहक के नाम पर
नवीनतम 6 महीने के भीतर
पते का स्पष्ट उल्लेख
3. किराया समझौता:
पंजीकृत किराया समझौता
नवीनतम 1 वर्ष के भीतर
मालिक के KYC के साथ
4. राशन कार्ड:
सरकार द्वारा जारी
पते का स्पष्ट उल्लेख
वैधता अवधि के भीतर
फोटोग्राफ आवश्यकताएँ
A. फोटोग्राफ के तकनीकी मानक
1. आकार और फॉर्मेट:
पासपोर्ट साइज (35mm x 45mm)
रंगीन फोटोग्राफ
JPEG/PNG फॉर्मेट
2. गुणवत्ता मानदंड:
हाल ही का फोटोग्राफ (6 महीने के भीतर)
स्पष्ट और फोकस में
प्राकृतिक रोशनी में
3. पृष्ठभूमि:
सफेद या हल्के रंग की पृष्ठभूमि
कोई पैटर्न या डिज़ाइन नहीं
सादा और साफ पृष्ठभूमि
B. विशेष फोटोग्राफ आवश्यकताएँ
1. डिजिटल फोटोग्राफ:
डिजिटल कैमरा या स्मार्टफोन से
उच्च रिज़ॉल्यूशन (300 DPI+)
अनएडिटेड और ओरिजिनल
2. लाइव फोटोग्राफ:
वीडियो KYC के लिए
रीयल-टाइम कैप्चर
लाइवनेस डिटेक्शन
3. स्व-अपलोडेड फोटोग्राफ:
ग्राहक द्वारा अपलोड किया गया
गुणवत्ता नियंत्रण
सत्यापन प्रक्रिया
सरलीकृत केवाईसी: विस्तृत प्रक्रिया
सरलीकृत KYC की अवधारणा
1. सरलीकृत KYC का उद्देश्य
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा
छोटे और कम जोखिम वाले ग्राहकों को सुविधा
डिजिटल इंडिया पहल का समर्थन
बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाना
2. पात्रता मानदंड
A. व्यक्तिगत ग्राहक:
वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम
मासिक लेनदेन ₹10,000 से कम
कुल जमा शेष ₹1 लाख से कम
B. विशेष श्रेणियाँ:
छात्र (18-25 वर्ष)
गृहिणियाँ (कोई स्वतंत्र आय नहीं)
वरिष्ठ नागरिक (75+ वर्ष)
दिव्यांग व्यक्ति
सरलीकृत KYC प्रक्रिया
1. प्रक्रिया चरण
चरण 1: ग्राहक घोषणा
स्व-घोषणा प्रपत्र भरना
आय और लेनदेन सीमा का घोषणा
दस्तावेज़ों की सत्यता की पुष्टि
चरण 2: मूल दस्तावेज़ सत्यापन
आधार कार्ड सत्यापन
PAN कार्ड (यदि उपलब्ध)
स्व-प्रमाणित फोटोग्राफ
चरण 3: जोखिम आकलन
ग्राहक प्रोफाइल विश्लेषण
लेनदेन पैटर्न मूल्यांकन
जोखिम श्रेणी निर्धारण
चरण 4: खाता सक्रियण
सीमित खाता सुविधाएँ
लेनदेन सीमा लागू
नियमित निगरानी
2. आवश्यक दस्तावेज़
अनिवार्य दस्तावेज़:
आधार कार्ड (पहचान और पता दोनों)
स्व-घोषणा प्रपत्र (बैंक फॉर्मेट में)
पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ
वैकल्पिक दस्तावेज़:
PAN कार्ड (लाभ के लिए)
बैंक स्टेटमेंट (यदि मौजूदा ग्राहक)
कोई अन्य सरकारी पहचान
सरलीकृत KYC की सीमाएँ और शर्तें
1. लेनदेन सीमाएँ
वित्तीय सीमाएँ:
कुल वार्षिक लेनदेन: ₹2 लाख
एकल लेनदेन सीमा: ₹50,000
खाते में अधिकतम शेष: ₹1 लाख
मासिक निकासी सीमा: ₹10,000
गैर-वित्तीय सीमाएँ:
केवल बचत खाता
कोई चालू खाता नहीं
सीमित बैंकिंग उत्पाद
कोई ऋण सुविधा नहीं
2. उन्नयन प्रक्रिया
पूर्ण KYC में उन्नयन:
ग्राहक द्वारा अनुरोध
अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा
पूर्ण KYC प्रक्रिया पूरी
सभी सीमाएँ हटाना
स्वचालित उन्नयन:
लेनदेन सीमा पार करने पर
नियमित समीक्षा के बाद
जोखिम आकलन परिवर्तन पर
KYC संबंधी चुनौतियाँ और समाधान
प्रमुख चुनौतियाँ
1. ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में चुनौतियाँ
दस्तावेज़ की उपलब्धता:
आधार अपडेट की समस्या
पते के प्रमाण की कमी
डिजिटल साक्षरता की कमी
तकनीकी बाधाएँ:
इंटरनेट कनेक्शन की समस्या
बायोमेट्रिक डिवाइस की कमी
बिजली की अनियमित आपूर्ति
2. शहरी क्षेत्रों में चुनौतियाँ
गोपनीयता चिंताएँ:
डेटा सुरक्षा का डर
निजी जानकारी का दुरुपयोग
स्पैम कॉल और ईमेल
प्रक्रिया जटिलता:
दस्तावेज़ों की बार-बार माँग
लंबी प्रतीक्षा समय
नौकरशाही प्रक्रियाएँ
समाधान और सुधार
1. तकनीकी समाधान
मोबाइल KYC वैन:
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मोबाइल इकाइयाँ
सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्शन
पोर्टेबल बायोमेट्रिक डिवाइस
ऑफलाइन KYC प्रक्रिया:
ऑफलाइन दस्तावेज़ संग्रह
बाद में ऑनलाइन सत्यापन
अस्थायी खाता सक्रियण
2. प्रक्रिया सुधार
स्टैंडर्डाइजेशन:
सभी बैंकों के लिए एकरूप प्रक्रिया
डिजिटल दस्तावेज़ स्वीकार्यता
त्वरित सत्यापन प्रक्रिया
जागरूकता कार्यक्रम:
ग्राहक शिक्षा कार्यक्रम
डिजिटल साक्षरता अभियान
KYC प्रक्रिया समझाना
भविष्य की दिशाएँ और नवाचार
उभरती प्रौद्योगिकियाँ
1. ब्लॉकचेन आधारित KYC
लाभ:
अपरिवर्तनीय रिकॉर्ड
संस्थानों के बीच सुरक्षित साझाकरण
कम लागत और उच्च सुरक्षा
कार्यान्वयन:
पायलट प्रोजेक्ट चल रहे
अंतर-बैंक सहयोग
नियामक अनुमोदन प्रक्रिया
2. AI और मशीन लर्निंग
आवेदन:
दस्तावेज़ सत्यापन में AI
जोखिम आकलन में मशीन लर्निंग
धोखाधड़ी पहचान एल्गोरिदम
लाभ:
त्वरित प्रसंस्करण
सटीकता में सुधार
मानवीय त्रुटि कमी
नियामक विकास
1. वैश्विक मानकों का समन्वय
FATF मानदंड:
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुपालन
क्रॉस-बॉर्डर सहयोग
मानकीकृत प्रक्रियाएँ
डेटा स्थानीयकरण:
स्थानीय सर्वर पर डेटा संग्रहण
अंतर्राष्ट्रीय डेटा हस्तांतरण नियम
गोपनीयता और सुरक्षा मानक
2. ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण
सरलीकरण की निरंतरता:
और अधिक सरलीकृत प्रक्रियाएँ
ग्राहक अनुभव में सुधार
प्रक्रिया पारदर्शिता
गोपनीयता संरक्षण:
मजबूत डेटा संरक्षण कानून
ग्राहक सहमति प्रबंधन
पारदर्शी डेटा उपयोग नीतियाँ
KYC मानदंड: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सामान्य प्रश्न:
Q1. KYC का पूरा नाम और अर्थ क्या है?
A: KYC का पूरा नाम “Know Your Customer” (अपने ग्राहक को जानें) है। इसका अर्थ है बैंकों द्वारा ग्राहकों की पहचान और पते की वैधता सत्यापित करने की प्रक्रिया।
Q2. KYC क्यों जरूरी है?
A: KYC जरूरी है:
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम के लिए
आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंकुश के लिए
ग्राहक की वैध पहचान सुनिश्चित करने के लिए
कानूनी अनुपालन के लिए
Q3. KYC के मुख्य घटक क्या हैं?
A: KYC के चार मुख्य घटक:
ग्राहक पहचान प्रक्रिया
ग्राहक की पहचान डेटा
लगातार निगरानी
जोखिम प्रबंधन
RBI दिशानिर्देश संबंधी:
Q4. RBI ने KYC दिशानिर्देश कब जारी किए?
A: RBI ने पहली बार 2002 में KYC दिशानिर्देश जारी किए, और नवीनतम संशोधन 2021 में किया गया।
Q5. 2016 और 2021 के संशोधन में क्या अंतर है?
A:
| 2016 संशोधन | 2021 संशोधन |
|---|---|
| ई-केवाईसी शुरू | वीडियो KYC शुरू |
| जोखिम-आधारित दृष्टिकोण | डिजिटल दस्तावेज़ स्वीकार्यता |
| सरलीकृत KYC | सरलीकृत KYC विस्तार |
| KYC रिकॉर्ड अद्यतन आवृत्ति | CKYC को बढ़ावा |
Q6. RBI के नए KYC दिशानिर्देश कब से लागू हैं?
A: 2021 के संशोधन 10 नवंबर 2021 से लागू हैं।
Q7. KYC के लिए RBI की वेबसाइट क्या है?
A: RBI की आधिकारिक वेबसाइट है: www.rbi.org.in
आधार-आधारित ई-केवाईसी:
Q8. ई-केवाईसी क्या है?
A: ई-केवाईसी इलेक्ट्रॉनिक KYC है जिसमें आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से ग्राहक की पहचान सत्यापित की जाती है।
Q9. ई-केवाईसी कैसे काम करती है?
A: ई-केवाईसी प्रक्रिया:
ग्राहक आधार नंबर और बायोमेट्रिक दर्ज करता है
UIDAI के साथ सत्यापन होता है
डेटा प्राप्त होता है और खाता खुलता है
Q10. ई-केवाईसी की सीमाएँ क्या हैं?
A: ई-केवाईसी की सीमाएँ:
वार्षिक लेनदेन: ₹2 लाख
खाते में अधिकतम शेष: ₹1 लाख
एकल लेनदेन: ₹50,000
केवल भारतीय नागरिकों के लिए
Q11. ई-केवाईसी के लिए क्या आवश्यक है?
A: आवश्यकताएँ:
वैध आधार कार्ड
आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
बायोमेट्रिक डिवाइस की पहुँच
Q12. ई-केवाईसी कितने समय में पूरी होती है?
A: ई-केवाईसी आमतौर पर 5-10 मिनट में पूरी हो जाती है।
दस्तावेज़ संबंधी:
Q13. KYC के लिए कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
A: तीन प्रकार के दस्तावेज़:
पहचान प्रमाण: आधार, PAN, वोटर ID, पासपोर्ट
पता प्रमाण: बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट, पासपोर्ट
फोटोग्राफ: पासपोर्ट साइज फोटो
Q14. सबसे महत्वपूर्ण KYC दस्तावेज़ कौन सा है?
A: आधार कार्ड सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहचान और पता दोनों का प्रमाण है।
Q15. अगर मेरे पास पता प्रमाण नहीं है तो क्या करूं?
A: वैकल्पिक दस्तावेज़:
बैंक पासबुक/स्टेटमेंट
डाक विभाग का पत्र
गैस कनेक्शन बिल
किराया समझौता (पंजीकृत)
Q16. फोटोग्राफ की क्या आवश्यकताएँ हैं?
A: फोटोग्राफ आवश्यकताएँ:
पासपोर्ट साइज (35mm x 45mm)
हाल ही का (6 महीने के भीतर)
सफेद पृष्ठभूमि
स्पष्ट और फोकस में
Q17. डिजिटल दस्तावेज़ स्वीकार्य हैं?
A: हाँ, 2021 संशोधन के बाद डिजिटल दस्तावेज़ पूरी तरह से स्वीकार्य हैं।
सरलीकृत KYC संबंधी:
Q18. सरलीकृत KYC क्या है?
A: सरलीकृत KYC एक आसान प्रक्रिया है जिसमें कम दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है और यह कम जोखिम वाले ग्राहकों के लिए है।
Q19. सरलीकृत KYC के लिए कौन पात्र है?
A: पात्रता:
वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम
छात्र (18-25 वर्ष)
गृहिणियाँ
वरिष्ठ नागरिक (75+ वर्ष)
Q20. सरलीकृत KYC की सीमाएँ क्या हैं?
A: सीमाएँ:
वार्षिक लेनदेन: ₹2 लाख
एकल लेनदेन: ₹50,000
खाते में अधिकतम शेष: ₹1 लाख
मासिक निकासी: ₹10,000
Q21. सरलीकृत KYC से पूर्ण KYC में कैसे अपग्रेड करें?
A: अपग्रेड प्रक्रिया:
बैंक में आवेदन करें
अतिरिक्त दस्तावेज़ जमा करें
पूर्ण KYC प्रक्रिया पूरी करें
सीमाएँ हटवाएँ
प्रक्रिया संबंधी:
Q22. KYC कितने समय बाद नवीनीकरण कराना होता है?
A: जोखिम के आधार पर:
उच्च जोखिम: हर 2 वर्ष
मध्यम जोखिम: हर 8 वर्ष
निम्न जोखिम: हर 10 वर्ष
Q23. अगर KYC नहीं करवाऊंगा तो क्या होगा?
A: परिणाम:
खाता संचालन प्रतिबंधित
12 महीने बाद खाता ब्लॉक
24 महीने बाद खाता बंद
नए लेनदेन की अनुमति नहीं
Q24. KYC डेटा कितने समय तक रखा जाता है?
A:
लेनदेन रिकॉर्ड: 5 वर्ष
KYC दस्तावेज़: 10 वर्ष
STR/CTR रिपोर्ट: 10 वर्ष
Q25. KYC की फीस कितनी है?
A: KYC पूरी तरह से निःशुल्क है। कोई भी बैंक KYC के लिए शुल्क नहीं ले सकता।
विशेष स्थितियाँ:
Q26. NRI के लिए KYC कैसे करें?
A: NRI KYC के लिए:
पासपोर्ट (भारतीय/विदेशी)
वीजा/निवास परमिट
विदेश में पता प्रमाण
PIO/OCI कार्ड (यदि उपलब्ध)
Q27. नाबालिग की KYC कैसे करें?
A: नाबालिग KYC:
जन्म प्रमाण पत्र
अभिभावक के KYC दस्तावेज़
फोटोग्राफ
स्कूल ID (यदि उपलब्ध)
Q28. वरिष्ठ नागरिक की KYC कैसे करें?
A: विशेष प्रावधान:
घर पर KYC सुविधा
सरलीकृत प्रक्रिया
अभिभावक/परिवार सदस्य की सहायता
Q29. दिव्यांग व्यक्ति की KYC कैसे करें?
A: सुविधाएँ:
विशेष सहायता कर्मचारी
घर पर सेवा
वैकल्पिक प्रमाण दस्तावेज़
अभिभावक की सहायता
तकनीकी प्रश्न:
Q30. वीडियो KYC क्या है?
A: वीडियो KYC लाइव वीडियो कॉल के माध्यम से ग्राहक की पहचान सत्यापन है।
Q31. वीडियो KYC के लिए क्या चाहिए?
A: आवश्यकताएँ:
स्मार्टफोन/कंप्यूटर
इंटरनेट कनेक्शन
कैमरा और माइक्रोफोन
वैध दस्तावेज़
Q32. CKYC क्या है?
A: CKYC (केंद्रीय KYC रजिस्ट्री) एक केंद्रीकृत प्रणाली है जहाँ एक बार KYC कराने पर सभी वित्तीय संस्थानों में मान्य होता है।
Q33. CKYC नंबर कैसे प्राप्त करें?
A: CKYC नंबर:
किसी भी बैंक में KYC कराएँ
केवाईआर (KYC Registration) नंबर प्राप्त करें
इस नंबर से अन्य बैंकों में KYC कराएँ
सुरक्षा और गोपनीयता:
Q34. KYC डेटा सुरक्षित है?
A: हाँ, RBI दिशानिर्देशों के अनुसार:
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन
सुरक्षित सर्वर
एक्सेस कंट्रोल
नियमित ऑडिट
Q35. KYC डेटा का दुरुपयोग हो तो क्या करें?
A: कार्रवाई:
बैंक को सूचित करें
RBI शिकायत पोर्टल पर शिकायत करें
साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज करें
कानूनी सहायता लें
Q36. KYC डेटा कौन देख सकता है?
A: केवल अधिकृत बैंक कर्मचारी ही KYC डेटा देख सकते हैं, और वह भी सीमित एक्सेस के साथ।
IIBF परीक्षा के लिए विशेष:
Q37. IIBF परीक्षा में KYC से कितने प्रश्न आते हैं?
A: JAIIB/CAIIB में 10-15% प्रश्न KYC से संबंधित आते हैं।
Q38. KYC के कौन से बिंदु याद रखने चाहिए?
A: महत्वपूर्ण बिंदु:
दस्तावेज़ों की सूची
समय सीमाएँ
सीमाएँ और शर्तें
नवीनतम संशोधन
Q39. 2021 संशोधन के मुख्य बिंदु क्या हैं?
A: मुख्य बिंदु:
वीडियो KYC की अनुमति
डिजिटल दस्तावेज़ स्वीकार्यता
सरलीकृत KYC विस्तार
CKYC को बढ़ावा
Q40. KYC उल्लंघन के दंड क्या हैं?
A: दंड:
ग्राहक: खाता ब्लॉक/बंद
बैंक: जुर्माना, लाइसेंस निलंबन
RBI द्वारा कार्यवाही
व्यावहारिक समस्याएँ:
Q41. अगर आधार अपडेट नहीं है तो क्या करें?
A: समाधान:
नजदीकी आधार सेंटर जाएँ
ऑनलाइन अपडेट कराएँ
वैकल्पिक दस्तावेज़ जमा करें
Q42. KYC दस्तावेज़ खो जाएँ तो क्या करें?
A: कार्रवाई:
डुप्लीकेट दस्तावेज़ प्राप्त करें
पुलिस रिपोर्ट दर्ज करें
बैंक को सूचित करें
नए दस्तावेज़ जमा करें
Q43. पता बदलने पर KYC कैसे अपडेट करें?
A: प्रक्रिया:
नया पता प्रमाण जमा करें
खाता अपडेट फॉर्म भरें
ऑनलाइन/ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी करें
Q44. नाम बदलने (शादी के बाद) पर क्या करें?
A: आवश्यकता:
गजट नोटिफिकेशन
शादी प्रमाण पत्र
नए नाम के दस्तावेज़
बैंक आवेदन
नवीनतम विकास:
Q45. भविष्य में KYC कैसी होगी?
A: भविष्य की प्रवृत्तियाँ:
ब्लॉकचेन आधारित KYC
AI और मशीन लर्निंग
बायोमेट्रिक प्रमुखता
पूर्ण डिजिटलीकरण
Q46. Aadhaar और KYC में क्या संबंध है?
A: Aadhaar KYC का मुख्य आधार है:
पहचान और पता दोनों का प्रमाण
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण
ई-केवाईसी की सुविधा
डिजिटल हस्ताक्षर
Q47. KYC में FATF की क्या भूमिका है?
A: FATF (वित्तीय कार्रवाई कार्यबल) अंतर्राष्ट्रीय मानदंड निर्धारित करता है जिसका भारत में KYC नियमों पर प्रभाव पड़ता है।
बैंकिंग व्यवहार:
Q48. KYC के बिना कौन सी बैंकिंग सुविधाएँ मिल सकती हैं?
A: KYC के बिना बहुत सीमित सुविधाएँ:
बुनियादी बचत खाता (सीमित)
न्यूनतम लेनदेन
कोई ऋण या कार्ड सुविधा नहीं
अस्थायी खाता
Q49. KYC पूरा होने में कितना समय लगता है?
A: समय:
ई-केवाईसी: 5-10 मिनट
पारंपरिक KYC: 24-48 घंटे
सरलीकृत KYC: 1-2 घंटे
वीडियो KYC: 15-30 मिनट
Q50. क्या सभी बैंकों में अलग-अलग KYC करानी होती है?
A: नहीं, CKYC के बाद:
एक बार KYC, सभी बैंकों में मान्य
केवाईआर नंबर से काम चलता है
केवल अपडेट की आवश्यकता होती है