फाल्गुन मास के त्योहार एवं मेले

कृष्ण पक्ष

  1. त्रयोदशी – महाशिवरात्रि

    • घुश्मेश्वर महादेव मेला (शिवाड़ी, सवाई माधोपुर)

      • 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक घुश्मेश्वर की विशेष पूजा

      • रात्रि जागरण व रुद्राभिषेक

शुक्ल पक्ष

  1. द्वितीया – फुलेरा दूज

    • फूलों से शिव-पार्वती की पूजा

    • बसंत ऋतु के आगमन का संकेत

  2. पूर्णिमा – होली

    • राजस्थान की अनूठी होली परंपराएँ:

      • कोड़ामार होली – भिनाय (अजमेर)

      • लट्ठमार होली – महावीरजी (करौली)

      • पत्थरमार होली – बाड़मेर

    • विशेष आयोजन:

      • रलोजी की बारात (बाड़मेर) – लोकनाट्य के माध्यम से होली

      • बादशाह की सवारी (टोडरमल) – ब्यावर

      • हाथी होली – सांगोद (कोटा)

      • जन्म-परिण-मरण का त्योहार – जयपुर

ऐतिहासिक तथ्य

  • भिनाय (अजमेर):

    • 1904 में स्थापित राजस्थान की पहली सहकारी समिति

    • होली के अवसर पर सामुदायिक एकता का प्रदर्शन

विशेषताएँ

  • महाशिवरात्रि पर शिवाड़ी में लकड़ी के शिवलिंग की पूजा

  • फुलेरा दूज पर पीले फूलों का विशेष महत्व

  • राजस्थान की होली लोक संस्कृति व साहस का अनूठा संगम

फाल्गुन मास: रंगों, भक्ति और सामुदायिक उल्लास का पर्व!

Scroll to Top