चैत्र मास के त्योहार एवं मेले

कृष्ण पक्ष

  1. एकम – धुलंडी

    • होली के दूसरे दिन मनाया जाने वाला उत्सव

    • रंगों और पिचकारियों का खेल

  2. अष्टमी – शीतलाष्टमी

    • मेला: चाकसू (जयपुर ग्रामीण)

      • गधों का मेला व बैलगाड़ी दौड़ का आयोजन

    • शीतला माता की पूजा, ठंडे भोजन का सेवन

  3. एकादशी – जौहर मेला (चित्तौड़गढ़)

    • रानी पद्मिनी के जौहर की स्मृति में

    • शौर्य व बलिदान का प्रतीक

शुक्ल पक्ष

  1. प्रतिपदा (एकम)

    • नववर्ष (विक्रम संवत् का प्रारंभ)

    • बसंत नवरात्र प्रारंभ

  2. तृतीया – गणगौर

    • प्रमुख स्थल: जयपुर, उदयपुर

    • ऐतिहासिक तथ्य: जेम्स टॉड ने अंतरपुर की गणगौर का वर्णन किया

    • विशेषताएँ:

      • सर्वाधिक लोकगीतों वाला त्योहार

      • कुंवारी लड़कियाँ अच्छे पति व भाभी की कामना हेतु व्रत

      • जैसलमेर में चतुर्थी को केवल गवर (मिट्टी की मूर्ति) की सवारी निकाली जाती है

  3. पंचमी – नाथद्वारा में विशेष गणगौर

    • गुलाबी गणगौर व चूनड़ी गणगौर की अनूठी परंपरा

  4. अष्टमी – अशोक अष्टमी

    • अशोक वृक्ष की पूजा

  5. नवमी – राम नवमी

    • भगवान राम का जन्मोत्सव

  6. पूर्णिमा – हनुमान जयंती

    • मेले:

      • सालासर (चुरु) – बालाजी हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर

      • मेहंदीपुर (दौसा) – भूत-प्रेत बाधा निवारण हेतु प्रसिद्ध

राजस्थान की अनूठी परंपराएँ

  • गणगौर में झांकियों व सोने-चाँदी के गवर की शोभायात्रा

  • जैसलमेर में गवर सवारी के दौरान लोकनृत्य व ढोल-मंजीरे

विशेष तथ्य

  • शीतलाष्टमी पर चाकसू में गधों की सौदाई का रोचक दृश्य

  • जौहर मेला चित्तौड़गढ़ के वीरता इतिहास को जीवंत करता है

चैत्र मास: नववर्ष, भक्ति और राजस्थानी संस्कृति का उत्सव!

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