डिजिटल बैंकिंग: एटीएम और कार्ड – एक व्यापक मार्गदर्शिका

भाग 1: एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) प्रबंधन, शुल्क और सीमाएँ

1.1 एटीएम का परिचय और विकास

एटीएम (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) बैंकिंग क्षेत्र में क्रांतिकारी आविष्कार है। पहला एटीएम 1967 में लंदन में स्थापित किया गया था, जबकि भारत में पहला एटीएम 1987 में HSBC बैंक द्वारा मुंबई में स्थापित किया गया। आज भारत में 2.5 लाख से अधिक एटीएम मशीनें हैं।

1.2 एटीएम के प्रकार

  1. ऑन-साइट एटीएम: बैंक शाखा परिसर में स्थित

  2. ऑफ-साइट एटीएम: शॉपिंग मॉल, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन आदि पर स्थित

  3. व्हाइट लेबल एटीएम: गैर-बैंकिंग कंपनियों द्वारा संचालित (टीएटीए एटीएम, इंडिकैश आदि)

  4. ब्राउन लेबल एटीएम: प्राइवेट कंपनियों द्वारा स्थापित, बैंक द्वारा संचालित

  5. ग्रीन लेबल एटीएम: कृषि संबंधी लेनदेन के लिए

  6. ऑरेंज लेबल एटीएम: शेयर बाजार लेनदेन के लिए

  7. येलो लेबल एटीएम: ई-कॉमर्स लेनदेन के लिए

  8. पिंक लेबल एटीएम: महिलाओं के लिए विशेष

1.3 एटीएम प्रबंधन

सुरक्षा उपाय:

  • पिन सुरक्षा (4 या 6 अंक)

  • टाइम-आउट सुविधा (30-60 सेकंड)

  • सीसीटीवी कैमरा निगरानी

  • जियो-टैगिंग और ट्रांजैक्शन लॉग

  • एंटी-स्किमिंग डिवाइस

  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (कुछ उन्नत एटीएम)

संचालन प्रबंधन:

  • नकदी प्रबंधन (कैश रिप्लेनिशमेंट)

  • तकनीकी सहायता और रखरखाव

  • सॉफ्टवेयर अपडेट

  • 24/7 निगरानी प्रणाली

1.4 एटीएम शुल्क संरचना

1. घरेलू लेनदेन शुल्क:

  • समान बैंक एटीएम: आमतौर पर मुफ्त (मासिक निश्चित संख्या तक)

  • अन्य बैंक एटीएम (होम बैंकिंग):

    • पहले 5 लेनदेन मासिक: मुफ्त (RBI निर्देश)

    • 5 लेनदेन के बाद: ₹20 + GST प्रति लेनदेन

    • नकद निकासी: ₹10-₹25 प्रति लेनदेन

2. अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन:

  • विदेश में एटीएम उपयोग: ₹100-₹150 + विदेशी मुद्रा रूपांतरण शुल्क (3-5%)

  • विदेशी कार्ड भारत में: ₹100-₹200 प्रति लेनदेन

3. विशेष सेवा शुल्क:

  • मिनी स्टेटमेंट: ₹5-₹10

  • पिन परिवर्तन: ₹50-₹100

  • एटीएम कार्ड ब्लॉक/अनब्लॉक: शुल्क लागू हो सकता है

1.5 एटीएम लेनदेन सीमाएँ

दैनिक सीमाएँ:

  • नकद निकासी: ₹10,000 से ₹1,00,000 तक (बैंक और खाता प्रकार पर निर्भर)

  • लेनदेन संख्या: 3-10 लेनदेन प्रतिदिन

  • गैर-नकद लेनदेन: ₹25,000-₹50,000

मासिक सीमाएँ:

  • कुल नकद निकासी: ₹2-5 लाख

  • कुल लेनदेन संख्या: 30-45

विशेष नोट: प्रीमियम खातों के लिए उच्च सीमाएँ निर्धारित की जाती हैं।

1.6 एटीएम सुरक्षा दिशानिर्देश

  1. एटीएम का उपयोग करते समय सतर्क रहें

  2. कभी भी पिन किसी के साथ साझा न करें

  3. कार्ड स्किमिंग से बचाव के लिए कीपैड को ढककर पिन डालें

  4. संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट तुरंत बैंक को करें

  5. नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट जांचें


भाग 2: डेबिट कार्ड – प्रकार और सुरक्षा

2.1 डेबिट कार्ड: मूल अवधारणा

डेबिट कार्ड एक प्लास्टिक कार्ड है जो सीधे बैंक खाते से धनराशि निकालने या भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है। यह वास्तविक धनराशि का उपयोग करता है, क्रेडिट नहीं।

2.2 डेबिट कार्ड के प्रकार

1. बैंक द्वारा जारी:

  • वीजा डेबिट कार्ड

  • मास्टरकार्ड डेबिट कार्ड

  • रूपे डेबिट कार्ड (भारतीय)

  • अमेरिकन एक्सप्रेस डेबिट कार्ड

2. कार्यक्षमता के आधार पर:

  • स्टैंडर्ड डेबिट कार्ड: बुनियादी निकासी और भुगतान

  • प्रीमियम डेबिट कार्ड: उच्च सीमा, अतिरिक्त लाभ

  • संपर्क रहित डेबिट कार्ड: NFC तकनीक द्वारा त्वरित भुगतान

  • वर्चुअल डेबिट कार्ड: केवल ऑनलाइन उपयोग के लिए

3. विशेष उद्देश्य कार्ड:

  • इंटरनेशनल डेबिट कार्ड: विदेशी लेनदेन के लिए

  • गिफ्ट कार्ड: पूर्व-लोडेड, उपहार के लिए

  • पेरेंट-चाइल्ड कार्ड: बच्चों के लिए सीमित कार्यक्षमता

2.3 डेबिट कार्ड सुरक्षा उपाय

1. पारंपरिक सुरक्षा:

  • 4/6 अंकीय पिन

  • हस्ताक्षर पट्टी

  • होलोग्राम

  • सीवीवी/सीवीवी2 कोड

2. उन्नत सुरक्षा प्रौद्योगिकियाँ:

  • ईएमवी चिप: एन्क्रिप्टेड डेटा संग्रहण

  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: ओटीपी के साथ

  • बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण: फिंगरप्रिंट/चेहरे की पहचान

  • डायनेमिक CVV: समय-समय पर बदलने वाला कोड

  • जियो-लोकेशन ट्रैकिंग: असामान्य स्थान पर लेनदेन को ब्लॉक करना

3. सॉफ्टवेयर आधारित सुरक्षा:

  • वास्तविक समय धोखाधड़ी निगरानी

  • एआई आधारित अनियमितता पहचान

  • लेनदेन अलर्ट (SMS/ईमेल/ऐप नोटिफिकेशन)

  • कार्ड ऑन/ऑफ सुविधा (मोबाइल ऐप के माध्यम से)

2.4 धोखाधड़ी से बचाव के उपाय

  1. कार्ड फिजिकल सुरक्षा:

    • कार्ड को सुरक्षित रखें

    • सीवीवी कोड कवर करें

    • कार्ड विवरण कभी फोटो न खिंचें

  2. ऑनलाइन सुरक्षा:

    • केवल सुरक्षित वेबसाइट (HTTPS) पर लेनदेन करें

    • सार्वजनिक वाईफाई पर लेनदेन से बचें

    • नियमित रूप से पासवर्ड बदलें

  3. लेनदेन सतर्कता:

    • एटीएम मशीन में असामान्य उपकरण न हो

    • POS मशीन पर लेनदेन रसीद की जांच करें

    • तुरंत बैंक स्टेटमेंट सत्यापन

2.5 डेबिट कार्ड बीमा और गारंटी

  • शून्य दायित्व नीति: तुरंत रिपोर्ट करने पर

  • धोखाधड़ी बीमा: ₹10,000-₹5,00,000 तक कवरेज

  • कार्ड खो जाने पर: तुरंत ब्लॉक करने की सुविधा

  • चिप और पिन गारंटी: अधिकृत लेनदेन की सुरक्षा

2.6 डेबिट कार्ड का भविष्य

  • बायोमेट्रिक कार्ड: फिंगरप्रिंट स्कैनर युक्त

  • डायनेमिक कार्ड: डिस्प्ले स्क्रीन के साथ

  • टोकनाइजेशन: वर्चुअल कार्ड नंबर

  • ब्लॉकचेन आधारित सुरक्षा: विकेंद्रीकृत सत्यापन


भाग 3: क्रेडिट कार्ड – बिलिंग चक्र, ग्रेस पीरियड और ब्याज

3.1 क्रेडिट कार्ड: मूल अवधारणा

क्रेडिट कार्ड एक प्लास्टिक कार्ड है जो कार्डधारक को बैंक से उधार लेकर भुगतान करने की सुविधा प्रदान करता है। यह अस्थायी ऋण का एक रूप है जिसे निर्धारित समय में चुकाना होता है।

3.2 क्रेडिट कार्ड के प्रकार

1. उपयोग के आधार पर:

  • स्टैंडर्ड क्रेडिट कार्ड: बुनियादी क्रेडिट सुविधा

  • प्रीमियम/गोल्ड कार्ड: उच्च क्रेडिट सीमा, अतिरिक्त लाभ

  • प्लैटिनम/सिग्नेचर कार्ड: अधिकतम सुविधाएँ, विशेषाधिकार

  • सीक्योर्ड क्रेडिट कार्ड: सुरक्षा जमा के विरुद्ध

2. विशेष उद्देश्य कार्ड:

  • ट्रैवल क्रेडिट कार्ड: मिलेज अर्जन, यात्रा बीमा

  • रिवार्ड्स क्रेडिट कार्ड: खरीदारी पर पुरस्कार अंक

  • कैशबैक क्रेडिट कार्ड: नकद वापसी (1-10%)

  • फ्यूल क्रेडिट कार्ड: ईंधन पर अतिरिक्त छूट

  • शॉपिंग कार्ड: विशिष्ट ब्रांड/मॉल के लिए

3. व्यवसाय कार्ड:

  • कॉर्पोरेट क्रेडिट कार्ड: कंपनी कर्मचारियों के लिए

  • SME क्रेडिट कार्ड: छोटे व्यवसायों के लिए

3.3 क्रेडिट कार्ड बिलिंग चक्र

बिलिंग चक्र की अवधारणा:

  • आमतौर पर 28-31 दिन का चक्र

  • स्टेटमेंट जेनरेशन डेट: प्रत्येक माह निश्चित तिथि

  • भुगतान देय तिथि: स्टेटमेंट डेट के 18-25 दिन बाद

बिलिंग चक्र का विस्तृत विवरण:

  1. चक्र प्रारंभ तिथि: नए बिलिंग चक्र की शुरुआत

  2. लेनदेन अवधि: सभी खरीद और भुगतान दर्ज

  3. स्टेटमेंट जेनरेशन डेट: मासिक विवरण तैयार

  4. भुगतान देय तिथि: न्यूनतम भुगतान या पूर्ण भुगतान की अंतिम तिथि

बिल विवरण में शामिल:

  • पिछला बकाया

  • वर्तमान चक्र के लेनदेन

  • कुल बकाया राशि

  • न्यूनतम भुगतान राशि

  • भुगतान देय तिथि

  • उपलब्ध क्रेडिट सीमा

  • लागू शुल्क और ब्याज

3.4 ग्रेस पीरियड (माफ अवधि)

ग्रेस पीरियड क्या है?
ग्रेस पीरियड वह समयावधि है जिसमें यदि पूरा बिल चुकाया जाता है तो किसी भी ब्याज शुल्क से मुक्ति मिलती है।

ग्रेस पीरियड की गणना:

  • आमतौर पर 20-50 दिन

  • सूत्र: ग्रेस पीरियड = (बिलिंग चक्र अवधि) + (भुगतान देय तिथि तक दिन)

  • उदाहरण: 30 दिन का बिलिंग चक्र + 20 दिन की भुगतान अवधि = 50 दिन ग्रेस पीरियड

महत्वपूर्ण नोट:

  • नकद निकासी पर ग्रेस पीरियड लागू नहीं होता

  • अगर पिछला बकाया है तो ग्रेस पीरियड लागू नहीं हो सकता

  • विभिन्न बैंकों की ग्रेस पीरियड नीति भिन्न होती है

3.5 क्रेडिट कार्ड ब्याज दर और गणना

ब्याज दरें:

  • आमतौर पर 24-49% वार्षिक

  • मासिक ब्याज: वार्षिक दर ÷ 12

  • भारत में औसत क्रेडिट कार्ड ब्याज दर: 36-42% वार्षिक

ब्याज गणना के तरीके:

  1. औसत दैनिक शेष विधि:

    text
    ब्याज = (औसत दैनिक शेष × वार्षिक दर × दिनों की संख्या) ÷ 365
  2. समायोजित शेष विधि:

    text
    ब्याज = (समायोजित शेष × मासिक ब्याज दर)

ब्याज लगने के परिदृश्य:

  1. न्यूनतम भुगतान से कम भुगतान करने पर

  2. भुगतान देय तिथि के बाद भुगतान करने पर

  3. नकद निकासी पर तुरंत ब्याज

  4. EMI रूपांतरण पर ब्याज

3.6 क्रेडिट कार्ड शुल्क संरचना

  1. वार्षिक शुल्क: ₹500-₹10,000 (कार्ड प्रकार पर)

  2. नकद निकासी शुल्क: 2.5-5% (न्यूनतम ₹250-₹500)

  3. लेट पेमेंट फीस: ₹100-₹1,000

  4. ओवरलिमिट फीस: क्रेडिट सीमा से अधिक उपयोग पर

  5. विदेशी लेनदेन शुल्क: 3-5% मुद्रा रूपांतरण शुल्क

  6. कार्ड रिप्लेसमेंट फीस: ₹100-₹500

3.7 क्रेडिट कार्ड प्रबंधन रणनीति

सर्वोत्तम अभ्यास:

  1. हमेशा पूरा बिल समय पर चुकाएं

  2. क्रेडिट उपयोग अनुपात 30% से कम रखें

  3. नकद निकासी से बचें

  4. नियमित रूप से क्रेडिट स्कोर जांचें

  5. अनावश्यक कार्ड न रखें

क्रेडिट स्कोर प्रभाव:

  • समय पर भुगतान: सकारात्मक प्रभाव

  • उच्च क्रेडिट उपयोग: नकारात्मक प्रभाव

  • कई नए क्रेडिट कार्ड: अस्थायी नकारात्मक प्रभाव

  • लंबा क्रेडिट इतिहास: सकारात्मक प्रभाव

3.8 क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी सुरक्षा

सुरक्षा उपाय:

  1. 3D सिक्योर पासवर्ड: ऑनलाइन लेनदेन के लिए

  2. वन-टाइम पासवर्ड (OTP): प्रत्येक लेनदेन के लिए

  3. ट्रांजेक्शन अलर्ट: SMS/ईमेल/ऐप नोटिफिकेशन

  4. इंटरनेशनल लेनदेन नियंत्रण: ऐप के माध्यम से

  5. कॉन्टैक्टलेस लेनदेन सीमा: ₹2,000-₹5,000 प्रति लेनदेन

धोखाधड़ी होने पर कार्रवाई:

  1. तुरंत बैंक को सूचित करें

  2. कार्ड ब्लॉक करवाएं

  3. पुलिस शिकायत दर्ज करें

  4. क्रेडिट ब्यूरो को सूचित करें

  5. नए कार्ड के लिए आवेदन करें


भाग 4: एटीएम और कार्ड से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

एटीएम संबंधी FAQ

Q1: एटीएम से नकद निकासी की न्यूनतम और अधिकतम सीमा क्या है?
A: न्यूनतम सीमा आमतौर पर ₹100 है। अधिकतम सीमा बैंक और खाता प्रकार पर निर्भर करती है, सामान्यतः ₹10,000 से ₹1,00,000 प्रतिदिन।

Q2: क्या एटीएम कार्ड खो जाने पर तुरंत ब्लॉक किया जा सकता है?
A: हाँ, आप निम्न तरीकों से तुरंत ब्लॉक कर सकते हैं:

  • बैंक की ग्राहक सेवा हेल्पलाइन पर कॉल करें

  • मोबाइल बैंकिंग ऐप का उपयोग करें

  • इंटरनेट बैंकिंग पोर्टल पर लॉग इन करें

  • एसएमएस सुविधा का उपयोग करें

Q3: विदेश में एटीएम का उपयोग करने पर क्या शुल्क लगते हैं?
A: विदेश में एटीएम उपयोग पर निम्न शुल्क लग सकते हैं:

  • विदेशी एटीएम शुल्क: ₹100-₹150

  • मुद्रा रूपांतरण शुल्क: 3-5%

  • बैंक सेवा शुल्क: 1-2%

Q4: एटीएम में कार्ड फंस जाए तो क्या करें?
A: तुरंत निम्न कार्रवाई करें:

  1. एटीएम पर उपलब्ध हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें

  2. अपने बैंक को सूचित करें

  3. एटीएम लोकेशन और समय का विवरण रिकॉर्ड करें

  4. लेनदेन रसीद (यदि प्राप्त हुई हो) सुरक्षित रखें

  5. बैंक द्वारा निर्देशित प्रक्रिया का पालन करें

डेबिट कार्ड संबंधी FAQ

Q1: डेबिट कार्ड के पिन को कैसे बदल सकते हैं?
A: पिन बदलने के विभिन्न तरीके:

  1. एटीएम के माध्यम से: ‘पिन चेंज’ विकल्प चुनें

  2. इंटरनेट बैंकिंग: कार्ड सेवा अनुभाग में

  3. मोबाइल ऐप: कार्ड प्रबंधन के अंतर्गत

  4. बैंक शाखा में: फॉर्म भरकर और पहचान पत्र दिखाकर

Q2: डेबिट कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी कैसे करें?
A: ऑनलाइन खरीदारी के चरण:

  1. चेकआउट पर ‘डेबिट कार्ड’ विकल्प चुनें

  2. 16-अंकीय कार्ड नंबर डालें

  3. समाप्ति तिथि और सीवीवी कोड डालें

  4. कार्डधारक का नाम डालें

  5. बैंक द्वारा भेजे गए ओटीपी की पुष्टि करें

  6. लेनदेन पूरा होने की पुष्टि प्राप्त करें

Q3: इंटरनेशनल डेबिट कार्ड और रेगुलर डेबिट कार्ड में क्या अंतर है?
A: मुख्य अंतर:

 
 
विशेषताइंटरनेशनल डेबिट कार्डरेगुलर डेबिट कार्ड
उपयोगविदेश और घरेलू दोनोंमुख्यतः घरेलू
मुद्राविदेशी मुद्रा में लेनदेनकेवल भारतीय रुपया
शुल्कउच्च वार्षिक शुल्ककम या नि:शुल्क
सुरक्षाअतिरिक्त अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षामानक सुरक्षा

Q4: डेबिट कार्ड के गलत लेनदेन की शिकायत कैसे करें?
A: शिकायत प्रक्रिया:

  1. तुरंत बैंक हेल्पलाइन पर सूचित करें

  2. शिकायत संदर्भ नंबर लें

  3. 7 दिनों के भीतर लिखित शिकायत दें

  4. बैंक 90 दिनों में जाँच पूरी करेगा

  5. धोखाधड़ी सिद्ध होने पर राशि वापस मिलेगी

क्रेडिट कार्ड संबंधी FAQ

Q1: क्रेडिट कार्ड के बिल का पूरा भुगतान न करने पर क्या होता है?
A: आंशिक भुगतान के परिणाम:

  1. ब्याज शुल्क: शेष राशि पर उच्च ब्याज लगेगा

  2. लेट फीस: ₹500-₹1,000 जुर्माना

  3. क्रेडिट स्कोर: नकारात्मक प्रभाव

  4. क्रेडिट सीमा: अस्थायी रूप से कम हो सकती है

  5. कानूनी कार्रवाई: लंबे समय तक बकाया रहने पर

Q2: क्रेडिट कार्ड बिल को EMI में कैसे बदल सकते हैं?
A: EMI रूपांतरण विधियाँ:

  1. ऑटो-डेबिट: न्यूनतम राशि से अधिक बिल आने पर स्वतः EMI

  2. ऐप/इंटरनेट बैंकिंग: चुनिंदा लेनदेन को EMI में बदलें

  3. कस्टमर केयर: फोन द्वारा अनुरोध

  4. एसएमएस सुविधा: निर्दिष्ट कोड भेजकर

Q3: क्रेडिट कार्ड की क्रेडिट सीमा कैसे बढ़ाई जा सकती है?
A: क्रेडिट सीमा बढ़ाने के लिए:

  1. नियमित भुगतान: समय पर पूरा भुगतान करें

  2. आय प्रमाण: अपडेटेड आय विवरण प्रस्तुत करें

  3. बैंक से अनुरोध: ऑनलाइन या शाखा के माध्यम से

  4. क्रेडिट स्कोर: 750+ स्कोर बनाए रखें

  5. लेनदेन पैटर्न: नियमित और विविध खर्च करें

Q4: क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करने पर क्या होता है?
A: निष्क्रिय क्रेडिट कार्ड के परिणाम:

  1. वार्षिक शुल्क: लगता रहेगा

  2. कार्ड निष्क्रियता: 6-12 महीने बाद स्वतः बंद हो सकता है

  3. क्रेडिट स्कोर: लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर नकारात्मक प्रभाव

  4. सीमा कमी: बैंक स्वतः क्रेडिट सीमा कम कर सकता है

Q5: क्रेडिट कार्ड ऋण से कैसे मुक्ति पाएं?
A: ऋण मुक्ति रणनीतियाँ:

  1. डेट कंसोलिडेशन: एक ऋण में सभी कार्ड बकाया जोड़ें

  2. बैलेंस ट्रांसफर: कम ब्याज दर वाले कार्ड पर स्थानांतरित करें

  3. EMI रूपांतरण: बकाया को EMI में बदलें

  4. पर्सनल लोन: कम ब्याज दर पर व्यक्तिगत ऋण लें

  5. कर्ज मुक्ति योजना: बैंक की विशेष योजनाओं का लाभ उठाएं

सामान्य सुरक्षा संबंधी FAQ

Q1: कार्ड के गलत लेनदेन की जिम्मेदारी किसकी है?
A: RBI दिशानिर्देश के अनुसार:

  1. तुरंत रिपोर्ट करने पर: कार्डधारक की कोई जिम्मेदारी नहीं

  2. 3 दिन बाद रिपोर्ट करने पर: ₹10,000 तक की जिम्मेदारी

  3. 7 दिन बाद रिपोर्ट करने पर: RBI दिशानिर्देशों के अनुसार

  4. 90 दिन बाद: पूरी जिम्मेदारी कार्डधारक की

Q2: बायोमेट्रिक कार्ड क्या हैं और कैसे काम करते हैं?
A: बायोमेट्रिक कार्ड में फिंगरप्रिंट स्कैनर होता है। कार्यप्रणाली:

  1. कार्ड में छोटा फिंगरप्रिंट सेंसर होता है

  2. लेनदेन के समय उंगली स्कैन करें

  3. सेंसर फिंगरप्रिंट सत्यापित करता है

  4. सफल सत्यापन पर लेनदेन पूरा होता है

  5. पिन की आवश्यकता नहीं होती

Q3: वर्चुअल कार्ड क्या हैं और क्या लाभ हैं?
A: वर्चुअल कार्ड डिजिटल कार्ड हैं जो केवल ऑनलाइन उपयोग के लिए होते हैं।

लाभ:

  1. तत्काल जारी: 5 मिनट में सक्रिय

  2. सुरक्षित: एकल उपयोग या सीमित समय के लिए

  3. मुफ्त: आमतौर पर निःशुल्क

  4. सीमा नियंत्रण: अलग सीमा निर्धारित कर सकते हैं

  5. व्यवसाय उपयोग: कर्मचारियों के लिए सुरक्षित

Q4: कार्ड लेनदेन पर जीएसटी कैसे लगता है?
A: जीएसटी संरचना:

  1. वार्षिक शुल्क: 18% जीएसटी

  2. लेनदेन शुल्क: 18% जीएसटी

  3. नकद निकासी शुल्क: 18% जीएसटी

  4. विदेशी लेनदेन: 18% जीएसटी + मुद्रा शुल्क

  5. ब्याज राशि: 18% जीएसटी

Q5: डिजिटल वॉलेट और कार्ड में क्या अंतर है?
A: मुख्य अंतर:

 
 
पैरामीटरडिजिटल वॉलेटडेबिट/क्रेडिट कार्ड
फंडिंगपूर्व-भुगतानरियल-टाइम बैंक लिंक
सीमा₹10,000-₹1,00,000₹1,00,000+
KYCआंशिक/पूर्ण KYCपूर्ण KYC आवश्यक
अंतर्राष्ट्रीय उपयोगसीमितविस्तृत
ब्याजकोई ब्याज नहींक्रेडिट कार्ड पर ब्याज
Exit mobile version