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देश के आर्थिक विकास में तृतीयक क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण घटक होने के नाते, परिवहन का अत्यधिक महत्व है। कोई भी क्षेत्र परिवहन के तीव्र विकास के बिना तेजी से आर्थिक समृद्धि प्राप्त नहीं कर सकता। यह किसी भी राज्य के समग्र विकास का एक आवश्यक मूलभूत ढाँचा है। राजस्थान में परिवहन का स्वरूप मुख्यतः सड़क, रेल और वायु परिवहन पर केंद्रित है।
सड़क परिवहन: राज्य की जीवनरेखा
सड़कें राजस्थान की आर्थिक और सामाजिक संरचना की रीढ़ हैं। 1949 में राज्य में सड़कों की कुल लंबाई मात्र 13,553 किमी थी, जो मार्च 2019 तक बढ़कर 2,64,244.05 किमी हो गई है।
सड़क घनत्व: मार्च 2019 तक राज्य का सड़क घनत्व 77.21 किमी प्रति 100 वर्ग किमी था, जो राष्ट्रीय औसत (143.08 किमी/100 वर्ग किमी) से कम है। यह कमी राज्य के विशाल क्षेत्रफल और कठिन भूभाग (मरुस्थल, पहाड़) के कारण है।
सड़कों का वर्गीकरण (भारतीय सड़क कांग्रेस के अनुसार)
राष्ट्रीय राजमार्ग (NH): राष्ट्रीय राजधानी, राज्यों व पड़ोसी देशों को जोड़ती हैं। निर्माण व देखभाल केंद्र सरकार व NHAI की जिम्मेदारी। राजस्थान में 10,599.67 किमी (मार्च 2019 तक)।
राज्य राजमार्ग (SH): राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों और अन्य राज्यों से जोड़ती हैं। कुल लंबाई 15,517.51 किमी।
मुख्य जिला सड़कें (MDR): जिला केंद्रों को अन्य प्रमुख स्थानों व जिला केंद्रों से जोड़ती हैं। कुल लंबाई 8,757.75 किमी।
अन्य जिला सड़कें (ODR): ग्रामीण क्षेत्रों व कस्बों को मुख्य जिला सड़कों से जोड़ती हैं। कुल लंबाई 53,431.63 किमी।
ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण केंद्रों को मुख्य सड़कों व शहरों से जोड़ती हैं। सबसे लंबा नेटवर्क 1,75,937.49 किमी।
सड़कों की लंबाई का विवरण (31 मार्च, 2019 तक)
| क्र.सं. | वर्गीकरण | डामर (किमी) | मैटल (किमी) | ग्रेवल (किमी) | मौसमी (किमी) | योग (किमी) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1. | राष्ट्रीय राजमार्ग | 9,585.13 | 0.00 | 8.00 | 1,006.54 | 10,599.67 |
| 2. | राज्य राजमार्ग | 15,452.21 | 4.20 | 13.00 | 48.10 | 15,517.51 |
| 3. | मुख्य जिला सड़कें | 8,547.69 | 1.00 | 55.25 | 153.81 | 8,757.75 |
| 4. | अन्य जिला सड़कें | 45,066.80 | 3,182.74 | 483.78 | 4,698.31 | 53,431.63 |
| 5. | ग्रामीण सड़कें | 1,35,275.51 | 1,759.55 | 36,368.86 | 2,533.57 | 1,75,937.49 |
| योग | 2,13,927.34 | 4,947.49 | 36,928.89 | 8,440.33 | 2,64,244.05 |
ग्रामीण कनेक्टिविटी: प्रगति का आँकड़ा
वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार राज्य में 39,753 गाँव हैं। डामरित सड़कों से जुड़े गाँवों की स्थिति:
| क्र. सं. | आबादी समूह | कुल ग्राम (2001) | मार्च 2019 तक जुड़े ग्राम | दिसंबर 2019 तक जुड़े ग्राम | जुड़े ग्रामों का % (दिस. 2019) |
|---|---|---|---|---|---|
| 1. | 1000 व अधिक | 14,198 | 14,182 | 14,182 | 99.89% |
| 2. | 500-1000 | 11,058 | 10,977 | 10,977 | 99.27% |
*(टिप्पणी: तालिका 500-999 आबादी वाले गाँवों को दर्शाती है। 500 से कम आबादी वाले गाँवों के आँकड़े दिए गए पाठ में नहीं थे, लेकिन प्रतिशत से स्पष्ट है कि कनेक्टिविट्य उच्च है।)*
यह आँकड़े दर्शाते हैं कि बड़े गाँवों तक पक्की सड़क पहुँच लगभग पूर्ण है, जो ग्रामीण विकास और सामाजिक समावेशन के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
रेल परिवहन
राजस्थान में रेल नेटवर्क राज्य के अधिकांश भाग को कवर करता है।
पश्चिमी रेलवे और उत्तर पश्चिम रेलवे के अंतर्गत आने वाले जयपुर, अजमेर, जोधपुर, बीकानेर प्रमुख जंक्शन हैं।
कोन-कॉरिडोर परियोजना (जैसे दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर – DMIC) और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के साथ जुड़ाव से औद्योगिक और रसद (लॉजिस्टिक्स) क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
वायु परिवहन
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे: जयपुर (सांगानेर), जोधपुर, उदयपुर।
घरेलू हवाई अड्डे: बीकानेर, कोटा, जैसलमेर, किशनगढ़ (अजमेर)।
सैन्य हवाई अड्डे: सूरतगढ़, जैसलमेर, फालोदी, बीकानेर (नाल)।
हवाई संपर्क ने पर्यटन और व्यापार को गति प्रदान की है।
चुनौतियाँ एवं भविष्य की राह
चुनौतियाँ: राष्ट्रीय औसत से कम सड़क घनत्व, दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क का कुछ क्षेत्रों में विरल होना।
भविष्य के लिए: एक्सप्रेस-वे का विस्तार (जैसे जयपुर-कोटा), सड़कों का चौड़ीकरण और सौरकरण, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, और ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट्स पर ध्यान दिया जा रहा है।
निष्कर्ष: राजस्थान ने स्वतंत्रता के बाद से परिवहन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सड़कों का घनत्व बढ़ाना, रेल कनेक्टिविटी सुधारना और हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण राज्य की आर्थिक क्षमता को पूरी तरह से उजागर करने की कुंजी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. राजस्थान का सड़क घनत्व राष्ट्रीय औसत से कम क्यों है?
राजस्थान का सड़क घनत्व (77.21 किमी/100 वर्ग किमी) राष्ट्रीय औसत (143.08 किमी/100 वर्ग किमी) से काफी कम है। इसका मुख्य कारण राज्य का विशाल क्षेत्रफल, थार मरुस्थल का विस्तार, अरावली की पहाड़ियों और कम जनसंख्या घनत्व है, जिससे प्रति वर्ग किमी सड़क लंबाई कम हो जाती है।
2. राजस्थान में सबसे लंबी सड़क की श्रेणी कौन-सी है?
राजस्थान में सबसे लंबा सड़क नेटवर्क ग्रामीण सड़कों का है, जिसकी लंबाई मार्च 2019 तक 1,75,937.49 किमी थी। इसके बाद अन्य जिला सड़कें (53,431.63 किमी) का स्थान है।
3. 1000 से अधिक आबादी वाले गाँवों की कितने प्रतिशत तक पक्की सड़क पहुँच है?
दिसंबर 2019 तक, राजस्थान के 99.89% गाँवों (जिनकी आबादी 1000 या अधिक है) तक पक्की (डामरित) सड़क की पहुँच सुनिश्चित हो चुकी थी। यह ग्रामीण कनेक्टिविटी में एक बड़ी उपलब्धि है।
4. राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई कितनी है और उनका रखरखाव कौन करता है?
मार्च 2019 तक राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 10,599.67 किमी थी। इनके निर्माण, रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की है।
5. परिवहन के क्षेत्र में राजस्थान की प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं?
प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं: राष्ट्रीय औसत से कम सड़क घनत्व, दुर्गम मरुस्थलीय और पहाड़ी इलाकों में ढांचागत विकास की उच्च लागत और कठिनाई, रेल नेटवर्क का असमान वितरण, और सभी गाँवों (विशेषकर छोटी आबादी वाले) तक पूर्ण कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना।