वैशाख मास के त्योहार एवं मेले

कृष्ण पक्ष

  1. तृतीया – धींगा गवर

    • मेले:

      • जोधपुर एवं जोधपुर ग्रामीण

      • नक्की झील मेला (माउंट आबू)

      • गौतमेश्वर मेला (अरबौद, प्रतापगढ़)

      • गौतमीसागर मेला (सालरापाटल)

    • पशु मेला (मालवी नस्ल के पशु)

शुक्ल पक्ष

  1. तृतीया – अक्षय तृतीया (आखा तीज)

    • बीकानेर की स्थापना दिवस (राव बीका द्वारा 1488 ई. में)

    • पतंगबाज़ी का आयोजन (बीकानेर में विशेष)

    • सर्वाधिक बाल विवाह (पारंपरिक रूप से शुभ मुहूर्त माना जाता है)

  2. पूर्णिमा – बुद्ध पूर्णिमा

    • पीपल पूर्णिमा मेले

    • बाणगंगा मेला (विराटनगर, जयपुर)

    • मातृकुण्डिया मेला (चित्तौड़गढ़)

प्रमुख मेलों की विशेषताएँ

  1. नक्की झील मेला (माउंट आबू)

    • राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन मेला

    • नौका विहार और सांस्कृतिक कार्यक्रम

  2. गौतमेश्वर मेला (अरबौद, प्रतापगढ़)

    • गौतम ऋषि से जुड़ा धार्मिक मेला

    • आदिवासी संस्कृति का प्रदर्शन

  3. बाणगंगा मेला (जयपुर)

    • महाभारत कालीन बाणगंगा तालाब के किनारे

    • स्नान और दान का विशेष महत्व

  4. मातृकुण्डिया मेला (चित्तौड़गढ़)

    • मातृकुंड (शक्ति पीठ) के तट पर

    • श्रद्धालु पिंडदान करते हैं

कृषि एवं परंपरा

  • अक्षय तृतीया को नई फसल का उत्सव

  • मालवी पशु मेले में किसान उत्तम नस्ल के पशु खरीदते हैं

ऐतिहासिक तथ्य

  • बीकानेर की स्थापना अक्षय तृतीया को हुई, इसलिए यहाँ पतंगबाज़ी की परंपरा

  • धींगा गवर में ग्रामीण क्षेत्रों में लोकनृत्य व गीतों का आयोजन

वैशाख मास: कृषि, संस्कृति और इतिहास का संगम!

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