परिचय और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक वे बैंक हैं जिनमें भारत सरकार की 50% से अधिक हिस्सेदारी होती है। इन बैंकों की स्थापना और विकास देश के सामाजिक-आर्थिक विकास की रणनीति का अभिन्न अंग रहा है। भारत में बैंकिंग के राष्ट्रीयकरण का इतिहास दो प्रमुख चरणों में विभाजित है:
पहला चरण (19 जुलाई 1969): प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने 14 प्रमुख व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनकी जमा राशि 50 करोड़ रुपये से अधिक थी।
दूसरा चरण (15 अप्रैल 1980): प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार ने 6 और बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया।
वर्तमान स्थिति (2024 तक)
वर्तमान में भारत में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कार्यरत हैं, जो विलयों के बाद निम्नलिखित हैं:
भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
स्थापना: 1 जुलाई 1955
प्रधान कार्यालय: मुंबई
कुल शाखाएँ: 22,000+
कर्मचारी: 2.5 लाख+
विशेषता: भारत का सबसे बड़ा बैंक
पंजाब नेशनल बैंक (PNB)
स्थापना: 19 मई 1894
प्रधान कार्यालय: नई दिल्ली
विलय: 2021 में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय
बैंक ऑफ बड़ौदा
स्थापना: 20 जुलाई 1908
प्रधान कार्यालय: वडोदरा, गुजरात
केनरा बैंक
स्थापना: जुलाई 1906
प्रधान कार्यालय: बेंगलुरु
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
स्थापना: 11 नवंबर 1919
प्रधान कार्यालय: मुंबई
इंडियन बैंक
स्थापना: 15 अगस्त 1907
प्रधान कार्यालय: चेन्नई
बैंक ऑफ इंडिया
स्थापना: 7 सितंबर 1906
प्रधान कार्यालय: मुंबई
इंडियन ओवरसीज बैंक
स्थापना: 10 फरवरी 1937
प्रधान कार्यालय: चेन्नई
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
स्थापना: 21 दिसंबर 1911
प्रधान कार्यालय: मुंबई
यूको बैंक
स्थापना: 6 जनवरी 1943
प्रधान कार्यालय: कोलकाता
बैंक ऑफ महाराष्ट्र
स्थापना: 16 सितंबर 1935
प्रधान कार्यालय: पुणे
पंजाब एंड सिंध बैंक
स्थापना: 24 जून 1908
प्रधान कार्यालय: नई दिल्ली
विलय प्रक्रिया (2017-2020)
सरकार ने बैंकों को मजबूत बनाने के लिए विलय की प्रक्रिया शुरू की:
2017: SBI का 5 सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक के साथ विलय
2019: Dena बैंक और विजया बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय
2020: 10 PSBs का 4 बैंकों में विलय:
ओरिएंटल बैंक + यूनाइटेड बैंक → PNB
सिंडिकेट बैंक → केनरा बैंक
आंध्रा बैंक + कॉर्पोरेशन बैंक → यूनियन बैंक
इलाहाबाद बैंक → इंडियन बैंक
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की विशेषताएँ
सरकारी स्वामित्व: 50% से अधिक हिस्सेदारी
सामाजिक उद्देश्य: वित्तीय समावेशन, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण
विस्तृत नेटवर्क: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में
नौकरी की सुरक्षा: स्थायी नौकरियाँ
कम ब्याज दर: जमा और ऋण दोनों पर
निजी क्षेत्र के बैंक (Private Sector Banks)
परिचय और वर्गीकरण
निजी क्षेत्र के बैंक वे बैंक हैं जहाँ अधिकांश शेयर निजी व्यक्तियों या संस्थाओं के पास होते हैं। इन्हें दो मुख्य श्रेणियों में बाँटा जा सकता है:
पुराने निजी बैंक
ये वे बैंक हैं जो 1991 से पहले स्थापित हुए थे। वर्तमान में 21 पुराने निजी बैंक कार्यरत हैं:
प्रमुख पुराने निजी बैंक:
कर्नाटक बैंक (1924)
कैथोलिक सीरियन बैंक (1920)
सिटी यूनियन बैंक (1904)
डीसीबी बैंक (1930)
फेडरल बैंक (1931)
साउथ इंडियन बैंक (1929)
विशेषताएँ:
क्षेत्रीय फोकस
पारंपरिक बैंकिंग मॉडल
स्थानीय बाजार में मजबूत पकड़
नए निजी बैंक
1991 के आर्थिक सुधारों के बाद RBI द्वारा लाइसेंस प्राप्त बैंक:
प्रमुख नए निजी बैंक:
HDFC बैंक (1994)
स्थापना: अगस्त 1994
भारत का सबसे बड़ा निजी बैंक
बाजार पूँजीकरण: ₹11 लाख करोड़+
ICICI बैंक (1994)
स्थापना: जून 1994
दूसरा सबसे बड़ा निजी बैंक
Axis बैंक (1993)
पूर्व नाम: UTI बैंक
स्थापना: दिसंबर 1993
इंडसइंड बैंक (1994)
कोटक महिंद्रा बैंक (2003)
विशेषताएँ:
आधुनिक तकनीक का उपयोग
ग्राहक-केंद्रित सेवाएँ
नवाचार पर जोर
मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन
छोटे वित्त बैंक (Small Finance Banks – SFBs)
परिचय:
छोटे वित्त बैंकों की स्थापना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। RBI ने 2015 में 10 लाइसेंस जारी किए।
प्रमुख SFBs:
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक
उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक
एस्टर डीएम फाइनेंस बैंक
कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक
फिनकेयर स्मॉल फाइनेंस बैंक
विशेषताएँ:
मुख्य फोकस: असंगठित क्षेत्र, MSMEs
न्यूनतम पूँजी: ₹200 करोड़
75% ऋण प्राथमिकता क्षेत्र को
जमा स्वीकार कर सकते हैं
भुगतान बैंक (Payments Banks)
परिचय:
भुगतान बैंक सीमित बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं लेकिन ऋण नहीं दे सकते।
प्रमुख भुगतान बैंक:
एयरटेल पेमेंट्स बैंक
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक
पेटीएम पेमेंट्स बैंक
जियो पेमेंट्स बैंक
एफआईओ पेमेंट्स बैंक
सीमाएँ:
प्रति ग्राहक अधिकतम जमा: ₹2 लाख
ऋण नहीं दे सकते
केवल डिमांड डिपॉजिट ले सकते हैं
विदेशी बैंक (Foreign Banks)
परिचय और विनियमन
विदेशी बैंक वे बैंक हैं जिनका मुख्यालय भारत से बाहर है लेकिन भारत में शाखाएँ या सहायक कंपनियाँ हैं।
विनियामक ढाँचा
बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
RBI दिशानिर्देश
FEMA नियम
कंपनी अधिनियम, 2013
कार्यप्रणाली
विदेशी बैंक भारत में दो रूपों में कार्य कर सकते हैं:
शाखा रूप में
सहायक कंपनी के रूप में (WOS)
प्रमुख विदेशी बैंक
सिटीबैंक (अमेरिका)
भारत में उपस्थिति: 1902 से
शाखाएँ: 35+ शहरों में
HSBC (यूनाइटेड किंगडम)
भारत में स्थापना: 1853
फोकस: कॉर्पोरेट बैंकिंग
स्टैंडर्ड चार्टर्ड (यूनाइटेड किंगडम)
भारत में उपस्थिति: 1858 से
100+ शाखाएँ
ड्यूश बैंक (जर्मनी)
बार्कलेज बैंक (यूके)
संख्यात्मक डेटा (2023)
कुल विदेशी बैंक: 46
देशों की संख्या: 44
कुल संपत्ति: ₹10 लाख करोड़+
कर्मचारी: 50,000+
सहकारी बैंक (Cooperative Banks)
परिचय और वर्गीकरण
सहकारी बैंक सहकारी समिति अधिनियम, 1912 के तहत पंजीकृत हैं। ये मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
शहरी सहकारी बैंक (Urban Cooperative Banks – UCBs)
विशेषताएँ:
शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कार्य
छोटे व्यवसायों और व्यक्तियों को सेवाएँ
राज्य सरकार और RBI द्वारा दोहरा नियमन
आँकड़े:
कुल UCBs: 1,514
जमा: ₹5 लाख करोड़+
ऋण: ₹3 लाख करोड़+
ग्रामीण सहकारी बैंक
त्रिस्तरीय संरचना:
राज्य सहकारी बैंक (State Cooperative Banks – StCBs)
राज्य स्तर पर कार्य
DCCBs को पुनर्वित्त प्रदान करना
संख्या: 34
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (District Central Cooperative Banks – DCCBs)
जिला स्तर पर कार्य
PACS को ऋण प्रदान करना
संख्या: 351
प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियाँ (Primary Agricultural Credit Societies – PACS)
ग्राम स्तर पर कार्य
किसानों को सीधे ऋण
संख्या: 95,000+
नियामक ढाँचा
राज्य सरकार: सहकारी समिति अधिनियम
RBI: बैंकिंग विनियमन
NABARD: पुनर्वित्त और विकास
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (Regional Rural Banks – RRBs)
स्थापना और इतिहास
RRBs की स्थापना 1975 में नरसिम्हम समिति की सिफारिश पर की गई थी। पहला RRB प्रथमा बैंक था, जिसकी स्थापना 2 अक्टूबर 1975 को हुई थी।
उद्देश्य
ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएँ ले जाना
किसानों, खेतिहर मजदूरों, कारीगरों को ऋण प्रदान करना
वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना
ग्रामीण बचत को एकत्रित करना
प्रबंधन संरचना
संयुक्त स्वामित्व मॉडल:
केंद्र सरकार: 50% हिस्सेदारी
राज्य सरकार: 15% हिस्सेदारी
प्रायोजक बैंक: 35% हिस्सेदारी
नियंत्रण:
RBI: बैंकिंग विनियमन
NABARD: पर्यवेक्षण और पुनर्वित्त
सरकार: स्वामित्व संबंधी निर्णय
वर्तमान स्थिति (2024)
कुल RRBs: 43 (विलयों के बाद)
शाखाएँ: 21,000+
जमा: ₹5 लाख करोड़+
ऋण: ₹3 लाख करोड़+
कर्मचारी: 90,000+
क्रियाएँ और कार्य
जमा संग्रहण
ऋण वितरण (कृषि और गैर-कृषि)
सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन
वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम
बैंकिंग संबंधी सहायता
चुनौतियाँ
घाटे में कार्य: कई RRBs
NPA समस्या
तकनीकी पिछड़ापन
मानव संसाधन की कमी
प्रतिस्पर्धा बढ़ना
बैंकों के प्रकार: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक संबंधी:
Q1. वर्तमान में कितने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं?
A: वर्तमान में 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हैं। यह संख्या विलयों के बाद घटी है।
Q2. सबसे पुराना सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक कौन सा है?
A: पंजाब नेशनल बैंक (स्थापना: 1894) सबसे पुराना PSB है।
Q3. SBI कब स्थापित हुआ?
A: भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना 1 जुलाई 1955 को हुई।
Q4. बैंकों के राष्ट्रीयकरण के क्या कारण थे?
A:
धन का सामाजिक नियंत्रण
प्राथमिकता क्षेत्रों को ऋण
क्षेत्रीय असंतुलन दूर करना
बैंकिंग सेवाओं का विस्तार
निजी क्षेत्र के बैंक संबंधी:
Q5. पुराने और नए निजी बैंक में क्या अंतर है?
A:
| पैरामीटर | पुराने निजी बैंक | नए निजी बैंक |
|---|---|---|
| स्थापना | 1991 से पहले | 1991 के बाद |
| तकनीक | पारंपरिक | आधुनिक |
| फोकस | क्षेत्रीय | राष्ट्रीय |
| नेटवर्क | सीमित | व्यापक |
Q6. छोटे वित्त बैंक क्या हैं?
A: छोटे वित्त बैंक विशेष बैंक हैं जो वित्तीय समावेशन के लिए कार्य करते हैं। इन्हें 75% ऋण प्राथमिकता क्षेत्र को देना होता है।
Q7. भुगतान बैंक ऋण क्यों नहीं दे सकते?
A: भुगतान बैंकों का लाइसेंस सीमित है। उनका मुख्य उद्देश्य भुगतान सेवाएँ प्रदान करना है, ऋण देना नहीं।
Q8. कौन सा निजी बैंक सबसे बड़ा है?
A: HDFC बैंक बाजार पूँजीकरण के आधार पर सबसे बड़ा निजी बैंक है।
विदेशी बैंक संबंधी:
Q9. भारत में कितने विदेशी बैंक हैं?
A: वर्तमान में 46 विदेशी बैंक भारत में कार्यरत हैं।
Q10. विदेशी बैंक भारत में कैसे काम करते हैं?
A: दो तरीकों से:
शाखा के रूप में
पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (WOS) के रूप में
Q11. कौन सा विदेशी बैंक भारत में सबसे पुराना है?
A: स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक (1858 से) भारत में सबसे पुराना विदेशी बैंक है।
सहकारी बैंक संबंधी:
Q12. सहकारी बैंक किस अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं?
A: सहकारी समिति अधिनियम, 1912 के तहत।
Q13. शहरी और ग्रामीण सहकारी बैंक में क्या अंतर है?
A:
| पैरामीटर | शहरी सहकारी बैंक | ग्रामीण सहकारी बैंक |
|---|---|---|
| क्षेत्र | शहरी | ग्रामीण |
| संरचना | एक स्तरीय | तीन स्तरीय |
| नियमन | RBI प्रमुख | राज्य सरकार प्रमुख |
Q14. PACS क्या है?
A: PACS (प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियाँ) ग्राम स्तर की सहकारी संस्थाएँ हैं जो किसानों को सीधे ऋण प्रदान करती हैं।
RRBs संबंधी:
Q15. पहला RRB कौन सा था?
A: प्रथमा बैंक (2 अक्टूबर 1975) पहला RRB था।
Q16. RRBs के स्वामित्व का प्रतिशत क्या है?
A:
केंद्र सरकार: 50%
राज्य सरकार: 15%
प्रायोजक बैंक: 35%
Q17. RRBs का पर्यवेक्षण कौन करता है?
A: NABARD RRBs का पर्यवेक्षण करता है।
Q18. वर्तमान में कितने RRBs हैं?
A: विलयों के बाद वर्तमान में 43 RRBs हैं।
सामान्य प्रश्न:
Q19. सबसे बड़ा बैंक कौन सा है?
A: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) संपत्ति, शाखाओं और कर्मचारियों की संख्या के आधार पर सबसे बड़ा बैंक है।
Q20. बैंकों के विलय का क्या उद्देश्य था?
A:
बड़े और मजबूत बैंक बनाना
परिचालन दक्षता बढ़ाना
NPA समस्या से निपटना
वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना
Q21. कौन से बैंक भारत में काम नहीं कर सकते?
A: कोई भी बैंक RBI से लाइसेंस प्राप्त किए बिना भारत में काम नहीं कर सकता। सभी बैंकों को RBI के नियमों का पालन करना होता है।
Q22. नए बैंक लाइसेंस के लिए क्या शर्तें हैं?
A: RBI की ओन टैप लाइसेंसिंग नीति के अनुसार:
न्यूनतम पूँजी: ₹500 करोड़
प्रवर्तकों की योग्यता
व्यवसाय योजना
प्रौद्योगिकी क्षमता
Q23. भारतीय बैंकिंग में NBFCs की क्या भूमिका है?
A: NBFCs बैंकों के पूरक के रूप में कार्य करती हैं, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ बैंकों की पहुँच सीमित है।
Q24. डिजिटल बैंक क्या हैं?
A: डिजिटल बैंक वे बैंक हैं जो पूरी तरह से ऑनलाइन काम करते हैं, शारीरिक शाखाओं के बिना। भारत में अभी पूर्ण डिजिटल बैंक नहीं हैं, लेकिन डिजिटल बैंकिंग इकाइयाँ (DBUs) स्थापित की गई हैं।
Q25. बैंकों के प्रकार समझना IIBF परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
A:
प्रश्न पत्र का 20-30% भाग
विभिन्न बैंकों की भूमिका समझना
विनियामक ढाँचे की समझ
व्यावहारिक बैंकिंग ज्ञान