सूक्ष्म बीमा और पेंशन: भारत में वित्तीय समावेशन का स्तंभ

भूमिका: सामाजिक सुरक्षा की आवश्यकता

भारत की अर्थव्यवस्था में असंगठित क्षेत्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिसमें लगभग 80% कार्यबल शामिल है। इस क्षेत्र के अधिकांश श्रमिकों के पास सीमित या कोई सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क नहीं है, जिससे वे बीमारी, दुर्घटना, विकलांगता, बुढ़ापा या मृत्यु जैसी आकस्मिकताओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। ऐसे में, सूक्ष्म बीमा और सूक्ष्म पेंशन योजनाएँ वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी हैं। ये योजनाएँ कम प्रीमियम/योगदान, सरलीकृत प्रक्रियाओं और व्यापक पहुंच के साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को जोखिम प्रबंधन का एक साधन प्रदान करती हैं।

यह लेख भारत में प्रमुख सूक्ष्म बीमा एवं पेंशन योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), अटल पेंशन योजना (APY) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM) सहित अन्य योजनाओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करेगा। साथ ही, इन योजनाओं के प्रभाव, चुनौतियों और भविष्य की दिशा पर भी प्रकाश डाला जाएगा।


भाग 1: सूक्ष्म बीमा योजनाएँ

सूक्ष्म बीमा का उद्देश्य कम आय वाले व्यक्तियों को उनकी वहन क्षमता के अनुरूप प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्रदान करना है। यह मुख्य रूप से जीवन, स्वास्थ्य, दुर्घटना और फसल बीमा तक सीमित है।

1.1 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)

यह एक एक वर्षीय नवीकरणीय दुर्घटना बीमा योजना है, जिसे 9 मई, 2015 को शुरू किया गया था।

  • लाभ: दुर्घटनावश स्थायी अपंगता या मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख का वित्तीय सुरक्षा कवर।

  • प्रीमियम: केवल ₹12 प्रति वर्ष (या समकक्ष स्थानीय मुद्रा)। बैंक खाते से स्वचालित डेबिट (ऑटो-डेबिट) की सुविधा।

  • पात्रता: 18 से 70 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति जिसके पास बैंक खाता है।

  • विशेषताएं:

    • परिवहन दुर्घटनाओं, आग, बाढ़, हमला, गिरना, विस्फोट आदि सहित किसी भी तरह की दुर्घटना से होने वाली मृत्यु या अपंगता को कवर।

    • एक व्यक्ति एक ही बैंक खाते के माध्यम से केवल एक बार योजना का लाभ ले सकता है।

    • किसी भी चिकित्सा जांच की आवश्यकता नहीं।

    • दावा प्रक्रिया सरल और दस्तावेजीकरण न्यूनतम।

1.2 प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY)

यह एक एक वर्षीय नवीकरणीय जीवन बीमा योजना है, जिसे भी 9 मई, 2015 को शुरू किया गया था। यह प्राकृतिक या अप्राकृतिक किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु के जोखिम को कवर करती है।

  • लाभ: किसी भी कारण से मृत्यु की स्थिति में ₹2 लाख का वित्तीय सुरक्षा कवर।

  • प्रीमियम: ₹330 प्रति वर्ष (या समकक्ष स्थानीय मुद्रा)। बैंक खाते से स्वचालित डेबिट।

  • पात्रता: 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति जिसके पास बैंक खाता है। साइन अप करते समय स्वास्थ्य घोषणा पत्र भरना आवश्यक।

  • विशेषताएं:

    • बीमाधारक की प्राकृतिक या आकस्मिक किसी भी कारण से मृत्यु पर लाभार्थी को राशि का भुगतान।

    • 55 वर्ष की आयु तक योजना को जारी रखा जा सकता है, बशर्ते प्रीमियम का भुगतान नियमित हो।

    • कोई परिपक्वता लाभ नहीं। यह एक शुद्ध जोखिम कवर योजना है।

    • PMSBY के साथ इसका समग्र रूप से लाभ उठाया जा सकता है, जिससे कुल ₹4 लाख का कवर (दुर्घटना से मृत्यु पर) प्राप्त होता है।

1.3 अन्य सूक्ष्म बीमा पहल

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान के विरुद्ध सुरक्षा।

  • आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY): द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रति परिवार ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा, जो मोटे तौर पर सूक्ष्म स्वास्थ्य बीमा की श्रेणी में आता है।

  • सामान्य बीमा निगम (जीआईसी) और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (एलआईसी) द्वारा संचालित विभिन्न सूक्ष्म बीमा उत्पाद।


भाग 2: सूक्ष्म पेंशन योजनाएँ

सूक्ष्म पेंशन योजनाएँ असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद एक नियमित आय (वित्तीय सुरक्षा) सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखती हैं।

2.1 अटल पेंशन योजना (APY)

यह भारत सरकार द्वारा 9 मई, 2015 को शुरू की गई एक प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों पर केंद्रित है।

  • लाभ: 60 वर्ष की आयु के बाद गारंटीशुदा पेंशन ₹1000, ₹2000, ₹3000, ₹4000 या ₹5000 प्रति माह।

  • योगदान: योगदान की राशि पेंशन के चुने हुए स्लैब और शामिल होने की आयु पर निर्भर करती है। योगदान मासिक / त्रैमासिक / अर्ध-वार्षिक आधार पर किया जा सकता है।

  • पात्रता:

    • आयु: 18 से 40 वर्ष के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक।

    • बैंक/डाकघर बचत खाता और आधार कार्ड अनिवार्य।

    • EPF, NPS, CGEGIS आदि जैसी किसी अन्य संगठित पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो।

  • विशेषताएं:

    • सरकारी योगदान: सरकार अंशदान की एक निश्चित राशि का मिलान करती है (कुल अंशदान का 50% या प्रति वर्ष ₹1000, जो भी कम हो)। यह लाभ 5 वर्ष (1 जून 2015 से 31 मार्च 2020 तक) के लिए पात्र ग्राहकों को दिया गया था।

    • परिवार पेंशन: बीमाधारक की मृत्यु की स्थिति में, पति/पत्नी को समान पेंशन मिलती रहेगी। दोनों की मृत्यु पर, नामांकन के समय उम्र के आधार पर संचित कोष का भुगतान नामित व्यक्ति को कर दिया जाएगा।

    • निश्चित रिटर्न: पेंशन की राशि की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है।

2.2 प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM)

यह 15 फरवरी, 2019 को शुरू की गई एक सरकार-सहयोगिता वाली पेंशन योजना है, जो विशेष रूप से असंगठित श्रमिकों (जैसे रिक्शा चालक, दुकानदार, माली, निर्माण श्रमिक आदि) के लिए है।

  • लाभ: 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम ₹3000 प्रति माह की गारंटीशुदा पेंशन।

  • योगदान: अंशदान की राशि आयु पर निर्भर करती है:

    • 18 वर्ष की आयु में शामिल होने पर: ₹55/माह (योगदान की समान राशि सरकार देगी)

    • 29 वर्ष की आयु में शामिल होने पर: ₹100/माह (सरकार भी ₹100/माह देगी)

    • अधिकतम योगदान ₹200/माह (40 वर्ष की आयु में शामिल होने पर)।

  • पात्रता:

    • आयु: 18 से 40 वर्ष के बीच का असंगठित क्षेत्र का श्रमिक।

    • मासिक आय ₹15,000 या उससे कम।

    • EPFO, NPS, या किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का सदस्य नहीं होना चाहिए।

  • विशेषताएं:

    • 50:50 योगदान: ग्राहक और सरकार दोनों बराबर राशि का योगदान करते हैं।

    • परिवार पेंशन: बीमाधारक की मृत्यु पर पति/पत्नी को 50% पेंशन जारी रहेगी।

    • Common Service Centres (CSCs) के माध्यम से आसान पंजीकरण।

2.3 राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और स्वावलंबन योजना

NPS एक स्वैच्छिक, दीर्घकालिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जो सभी नागरिकों के लिए खुली है। हालांकि यह सूक्ष्म पेंशन नहीं है, लेकिन इसके स्वावलंबन योजना जैसे घटक कम आय वाले समूहों को लक्षित करते हैं। NPS में सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी भी भाग ले सकते हैं।


भाग 3: इन योजनाओं का प्रभाव और महत्व

3.1 वित्तीय समावेशन

  • ये योजनाएँ लाखों लोगों को पहली बार औपचारिक बीमा और पेंशन नेटवर्क से जोड़ रही हैं।

  • बैंक खाते से जुड़ाव (जन धन-आधार-मोबाइल त्रय) ने पहुंच को आसान बनाया है।

3.2 सामाजिक सुरक्षा नेट

  • ये योजनाएँ असंगठित कर्मचारियों के लिए एक आधारभूत सामाजिक सुरक्षा ढांचा प्रदान करती हैं, जिससे वे आर्थिक झटकों को बेहतर ढंग से झेल पाते हैं।

  • विशेष रूप से महिलाओं और ग्रामीण आबादी को लाभ हुआ है।

3.3 वित्तीय साक्षरता

  • इन योजनाओं के प्रचार-प्रसार से लोगों में बीमा और सेवानिवृत्ति योजना की अवधारणा के प्रति जागरूकता बढ़ी है।

3.4 आंकड़े और पहुंच (अनुमानित, 2023-24)

  • PMSBY: 30 करोड़ से अधिक लाभार्थी।

  • PMJJBY: 15 करोड़ से अधिक लाभार्थी।

  • APY: 5 करोड़ से अधिक ग्राहक।

  • PM-SYM: 50 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक।


भाग 4: चुनौतियाँ और आलोचनाएँ

  1. सीमित कवरेज: PMSBY और PMJJBY में कवर की राशि (₹2 लाख) वर्तमान आर्थिक संदर्भ में अपर्याप्त हो सकती है।

  2. दावा निपटान और जागरूकता: दावा दाखिल करने की प्रक्रिया, दस्तावेजों की कमी और लाभार्थियों में जागरूकता की कमी के कारण कई योग्य लाभार्थी लाभ से वंचित रह जाते हैं।

  3. नवीनीकरण दर: कई लोग इन योजनाओं का नवीनीकरण नहीं कराते, जिससे सतत सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाता।

  4. पेंशन योजनाओं में पर्याप्त कॉर्पस का निर्माण: बहुत कम मासिक योगदान (विशेषकर कम आयु में शामिल होने पर) के कारण पर्याप्त पेंशन कोष जमा होने में चुनौती हो सकती है, भले ही सरकारी योगदान मिल रहा हो।

  5. असंगठित क्षेत्र की गतिशीलता: इस क्षेत्र में रोजगार और आय अस्थिर होती है, जिससे नियमित योगदान कर पाना मुश्किल होता है।

  6. बीमा और निवेश का भ्रम: PMJJBY जैसी शुद्ध जोखिम योजनाओं को कई लोग निवेश समझने की भूल कर बैठते हैं और परिपक्वता लाभ की अपेक्षा करते हैं।


भाग 5: भविष्य की दिशा और सुझाव

  1. कवरेज राशि में वृद्धि: मुद्रास्फीति और बढ़ती जीवनयापन लागत को देखते हुए बीमा कवरेज राशि और पेंशन स्लैब की समीक्षा की जानी चाहिए।

  2. प्रौद्योगिकी का उन्नत उपयोग: ब्लॉकचेन और AI जैसी तकनीकों के माध्यम से दावा प्रसंस्करण को और तेज, पारदर्शी व धोखाधड़ी-मुक्त बनाया जा सकता है। मोबाइल ऐप्स के जरिए बेहतर जागरूकता फैलाई जा सकती है।

  3. एकीकृत उत्पाद: स्वास्थ्य, दुर्घटना और जीवन बीमा को एक साथ जोड़कर एक व्यापक सूक्ष्म सुरक्षा उत्पाद तैयार किया जा सकता है।

  4. बढ़ा हुआ सरकारी सहयोग: विशेष रूप से पेंशन योजनाओं में, कम आय वाले समूहों के लिए सरकारी योगदान की सीमा बढ़ाई जा सकती है।

  5. सशक्त एजेंट नेटवर्क और प्रशिक्षण: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सूक्ष्म बीमा एजेंटों के एक प्रशिक्षित नेटवर्क को मजबूत करने की आवश्यकता है।

  6. जागरूकता अभियान: नवीनीकरण के महत्व और दावा प्रक्रिया पर निरंतर सरल भाषा में संचार अभियान चलाने की जरूरत है।


भाग 6: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या मैं PMSBY और PMJJBY दोनों में एक साथ शामिल हो सकता हूँ?
हाँ, बिल्कुल। दोनों योजनाएँ एक-दूसरे के पूरक हैं। PMSBY केवल दुर्घटना से मृत्यु या अपंगता को कवर करती है, जबकि PMJJBY किसी भी कारण से मृत्यु को कवर करती है। दोनों में शामिल होने से व्यापक सुरक्षा मिलती है।

Q2: अगर मैं PMJJBY का प्रीमियम भरना भूल जाऊं तो क्या होगा?
यदि प्रीमियम नवीकरण की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा नहीं होता है, तो पॉलिसी लैप्स हो जाएगी। पुनः सक्रिय करने के लिए, आपको पिछले सभी बकाया प्रीमियम का भुगतान करना होगा साथ ही ब्याज/दंड भी देना होगा, और स्वास्थ्य घोषणा पत्र फिर से जमा करना होगा।

Q3: APY और PM-SYM में क्या अंतर है?

 
 
पैरामीटरअटल पेंशन योजना (APY)प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (PM-SYM)
लक्षित समूहसभी असंगठित क्षेत्र के कर्मचारीविशेष रूप से असंगठित श्रमिक (मासिक आय ≤ ₹15,000)
पेंशन राशि₹1000 से ₹5000 प्रति माह (चुनने के लिए)निश्चित ₹3000 प्रति माह
सरकारी योगदानशुरुआती 5 वर्षों तक सीमित (अधिकतम ₹1000/वर्ष)योजना की पूरी अवधि के लिए बराबर योगदान (50%)
योगदान राशिपेंशन स्लैब और आयु पर निर्भरआयु पर निर्भर (₹55 से ₹200 प्रति माह)

Q4: क्या इन योजनाओं के लिए आयकर में छूट मिलती है?

  • PMSBY और PMJJBY: इनके प्रीमियम पर धारा 80C के तहत कर छूट नहीं मिलती, क्योंकि ये एक वर्ष से कम अवधि के हैं। हालांकि, PMJJBY के प्रीमियम को धारा 80C के तहत कुछ विशेषज्ञ छूट का दावा करने की सलाह देते हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है। सलाह: अपने कर सलाहकार से पूछें।

  • APY: इसके अंशदान पर धारा 80CCD(1) के तहत ₹1.5 लाख की सीमा के अंतर्गत कर छूट मिलती है। अतिरिक्त ₹50,000 की छूट धारा 80CCD(1B) के तहत भी मिल सकती है।

  • PM-SYM: इसके अंशदान पर भी धारा 80CCD(1) के तहत कर छूट मिलती है।

Q5: मैं APY में अपना पेंशन स्लैब कैसे बदल सकता हूँ?
आप वर्ष में एक बार पेंशन स्लैब बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको अपने बैंक शाखा या संबंधित बैंक/डाकघर की वेबसाइट पर एक आवेदन पत्र जमा करना होगा। नया स्लैब अगले महीने से लागू हो जाएगा और इसके अनुसार आपका मासिक योगदान बढ़ जाएगा।

Q6: दावा कैसे दाखिल करें?

  • अपने बैंक शाखा से संपर्क करें और दावा फॉर्म प्राप्त करें।

  • आवश्यक दस्तावेज (मृत्यु प्रमाण पत्र/अपंगता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, FIR की कॉपी यदि लागू हो) जमा करें।

  • बैंक बीमा कंपनी को दावा भेजेगा। निपटान आमतौर पर 30-45 दिनों में हो जाता है।

Q7: क्या NPS और APY दोनों में शामिल हो सकते हैं?
नहीं। APY की पात्रता के लिए एक शर्त यह है कि व्यक्ति किसी अन्य संगठित पेंशन योजना (जैसे NPS, EPF) का सदस्य नहीं होना चाहिए। इसलिए, एक साथ दोनों में सदस्यता संभव नहीं है।

Q8: यदि मैं APY में नियमित योगदान नहीं कर पाऊं तो क्या होगा?

  • खाते में डिफॉल्ट (चूक) होने पर प्रति माह ₹1 से ₹10 तक का जुर्माना लग सकता है (योगदान राशि पर निर्भर)।

  • लंबे समय तक चूक होने पर खाता स्थगित हो सकता है और फिर बंद भी हो सकता है। बंद होने पर संचित राशि तो मिल जाएगी, लेकिन पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।

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