जीवन परिचय
जन्म: भेंडेल गाँव (नागौर जिला)
वंश: सांखला राजपूत
पिता: मेहराज जी
माता: (उल्लेख नहीं)
संबंध: रामदेवजी के मौसेरे भाई (मातृपक्ष से संबंध)
प्रमुख घटनाक्रम
पारिवारिक पृष्ठभूमि:
पिता की मृत्यु के बाद हरममजाल (जोधपुर) स्थानांतरित हुए
गुरु बालीनाथ जी से आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की
ऐतिहासिक योगदान:
राव जोधा को मंडोर विजय का आशीर्वाद दिया
अपनी व्यक्तिगत कटार भेंट की (जोधपुर राजवंश के इतिहास में महत्वपूर्ण घटना)
पुरस्कार:
मंडोर विजय के उपरांत बेंगटी गाँव (फलौदी क्षेत्र) प्राप्त किया
यहाँ गौसेवा एवं धार्मिक कार्यों में संलग्न रहे
धार्मिक महत्व
विशेषताएँ:
भविष्यवाणी की शक्ति से संपन्न
सियार को वाहन के रूप में प्रयुक्त करते थे (लोककथाओं में वर्णित)
पूजा पद्धति:
बेंगटी गाँव में बैलगाड़ी की पूजा की जाती है
जोधपुर महाराजा अजीत सिंह द्वारा निर्मित मंदिर में विशेष पूजा
सांस्कृतिक विरासत
स्थापत्य:
बेंगटी स्थित मंदिर राजपूत वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण
जोधपुर शासकों द्वारा संरक्षित धार्मिक स्थल
लोक परंपरा:
मारवाड़ क्षेत्र में भविष्यवक्ता के रूप में ख्याति
ग्रामीण अंचलों में गौ-संरक्षण हेतु पूजनीय
तुलनात्मक महत्व
राजपूत इतिहास में:
राव जोधा के शासनकाल में महत्वपूर्ण भूमिका
मारवाड़ राजवंश के उत्थान में सहायक
लोकधर्म में:
रामदेवजी के साथ पूज्य
पशु कल्याण (विशेषतः गौवंश) से जुड़ी मान्यताएँ